Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

साहित्य

बीबीसी के पूर्व पत्रकार और लेखक अमरेश द्विवेदी प्रोफेसर बन गए!

अमरेश द्विवेदी

पिछले साल अपने पहले ही उपन्यास रंग पुटुसिया से सुर्ख़ियों में आये बीबीसी के पूर्व पत्रकार अमरेश द्विवेदी ने पत्रकारिता के पेशे को अलविदा कह दिया है और अब शिक्षा के पेशे में नया कदम बढ़ाया है। अमरेश द्विवेदी ने एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा में बतौर प्रोफेसर अपनी नई पारी की शुरुआत की है।

नई मंज़िल की ओर पहला कदम बढ़ाते हुए अमरेश ने अपने बारे में सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा है कि पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों की सतत सक्रियता और साधना के पश्चात अब मैंने एक नवीन भूमिका को अंगीकार किया है।

पिछले सप्ताह से मैंने एमिटी विश्वविद्यालय, नोएडा में प्रोफ़ेसर के रूप में कार्यभार संभाला है। यह परिवर्तन केवल दायित्व का नहीं, दृष्टिकोण का भी है — अब उद्देश्य है कि वर्षों की पत्रकारिता में अर्जित अनुभव, सीख और समझ को भावी पत्रकारों के साथ बाँटा जा सके।

यह प्रयास रहेगा कि विद्यार्थी न केवल ‘इंडस्ट्री रेडी’ बनें, अपितु वे इस तीव्रगामी, बहुआयामी और परिवर्तनशील मीडिया परिदृश्य में स्वयं को सजग, सुदृढ़ और विवेकशील रूप से स्थापित कर सकें। इस नवीन अध्याय के प्रति मेरा मन उत्साहित और आस्थावान है।

आप सभी शुभेच्छुओं का विश्वास और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी पूँजी है, यही मुझे सतत प्रेरित करता है।

अमरेश ने यह भी बताया है कि गत डेढ़ वर्षों में मेरी दो पुस्तकें प्रतिष्ठित वाणी प्रकाशन से आईं — एक मौलिक उपन्यास रंग पुटुसिया और दूसरी, मान्यवर डॉ. शशि थरूर की एक प्रतिष्ठित पुस्तक का हिन्दी अनुवाद अम्बेडकर एक जीवन। इन दोनों कृतियों को आप सभी सुधी पाठकों का अपार स्नेह प्राप्त हुआ।

जब किसी दूरस्थ क्षेत्र से कोई पाठक यह कहता है कि “आपका उपन्यास पढ़कर मन भीग गया,” या “शशि थरूर की कृति का अनुवाद अत्यंत पठनीय एवं विचारोत्तेजक है,” तो ऐसा प्रतीत होता है मानो लेखन-साधना का सारा श्रम सफल हो गया हो।

इस समय मेरी दो और पुस्तकों पर कार्य प्रगति पर है, जिनका प्रकाशन आगामी महीनों में प्रस्तावित है। ये दोनों रचनाएँ मेरे हृदय के अत्यंत समीप हैं — इन्होंने मुझे, भले ही सीमित रूप में, किंतु एक नवीन और विशिष्ट बौद्धिक संसार प्रदान किया है।

हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में एक नवोदित स्वर के रूप में उभरे लेखक अमरेश द्विवेदी को उनके पहले उपन्यास रंग पुटुसिया के लिए आज तक साहित्य जागृति उदीयमान लेखक सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कर-कमलों से प्राप्त हुआ।

यह सम्मान प्राप्ति के अवसर पर लेखक अमरेश द्विवेदी ने कहा, कि “यह पुरस्कार न केवल मेरे लिए, बल्कि उन तमाम लेखकों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों और संघर्षों के बीच भी अपने भीतर के शब्द-संसार को जीवित रखे हुए हैं।”

अमरेश द्विवेदी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्नातक करने के बाद दिल्ली में ही जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से एमए, एमफिल और फिर पीएचडी की उच्च शिक्षा हासिल की। झारखंड की राजधानी रांची के पास पतरातू नामक छोटी सी जगह से स्कूली शिक्षा हासिल कर इस ऊंचाई तक पहुंचना आसान नहीं था, किंतु अमरेश द्विवेदी ने सभी चुनौतियों को पार करते हुए अपनी सफलता अर्जित की है। अमरेश द्विवेदी की पत्नी भी हिंदी साहित्य में JNU से पीएचडी करने के बाद दिल्ली के मिरांडा हाउस कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन