Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

राजस्थान

पत्रकार महेश झालानी की गिरफ्तारी अवैध, प्रेस काउंसिल ने पूर्व सीएम को भेजा नोटिस

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (भारतीय प्रेस परिषद) वरिष्ठ पत्रकार महेश झालानी की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ दर्ज झूंठे केसों को अत्यंत गंभीर मानते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर अपना लिखित जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। गहलोत के अलावा चितौड़गढ़ के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यन्त, जन सम्पर्क विभाग के निदेशक रहे पुरुषोत्तम शर्मा और कोतवाली चित्तौड़गढ़ के थाना प्रभारी विक्रम सिंह भी जवाब मांगा है।

पत्रकार झालानी ने अपनी गिरफ्तारी को लेकर प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया को दस्तावेजों के साथ विस्तृत शिकायत की थी। इस पर काउंसिल ने वाद दायर किया। शिकायत का अध्ययन करने के उपरांत कॉउंसिल की अध्यक्षा न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई ने विचार व्यक्त किये कि यह प्रकरण प्रेस की स्वतंत्रता पर अतिक्रमण/कुठाराघात प्रतीत होता है। अतः दो सप्ताह के भीतर अपना लिखित वक्तव्य तीन प्रतियो में प्रेषित करें।

ज्ञातव्य है कि महेश झालानी ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए अशोक गहलोत ने अपने समर्थित विधायको को लूटने की खुली छूट दी। नतीजतन कतिपय होटलो में ठहरकर विधायकों ने जमकर अय्याशी की और सरकार का करोड़ो रुपया बेरहमी से खर्च किया। गहलोत का एक ही मकसद था कि किसी भी तरीके से सचिन पायलट उनकी कुर्सी पर काबिज नहीं हो जाए। पूरी सरकारी मशीनरी का अपनी कुर्सी बचाने के लिए गहलोत ने दुरुपयोग किया।

चूंकि झालानी ने गहलोत और जन सम्पर्क विभाग के निदेशक पुरुषोत्तम शर्मा की काली करतूतों को बेरहमी से उजागर किया। इससे कुपित होकर गहलोत के इशारे पर झालानी के खिलाफ षड्यंत्रपूर्वक चितौड़गढ़ और कांकरोली में मुकदमे दर्ज कराए गए।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर पुरुषोत्तम शर्मा और चितौड़गढ़ के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यन्त ने मिलीभगत कर झालानी को गिरफ्तार करने की योजना तैयार की। योजना के अंतर्गत 28 जनवरी, 2023 की रात को कोतवाली, चितौड़गढ़ के थाना प्रभारी विक्रम सिंह हथियारों से लैश पांच-छह पुलिसकर्मियों के साथ रात 9 बजे झालानी के घर आए और उन्हें आतंकवादियों की तरह अर्द्ध नग्न अवस्था मे गिरफ्तार कर चितौड़गढ़ ले गये।

नई सरकार आने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर हुई जांच से प्रमाणित हुआ कि झालानी को नाजायज रूप से चितौड़गढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया। कानूनन सूर्यास्त के बाद किसी भी वरिष्ठ नागरिक को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। जांच के थाना प्रभारी विक्रम सिंह को राजस्थान सेवा नियमों के अंतर्गत दण्डित किया जा चुका है। लेकिन अन्य आरोपी अशोक गहलोत, राजन दुष्यंत और पुरुषोत्तम शर्मा का बाल भी बांका नहीं हुआ है।

जवाब प्राप्ति के बाद प्रेस काउंसिल यह प्रकरण जांच समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। उधर झालानी ने चारो के खिलाफ सक्षम न्यायालय में फौजदारी का दावा भी कर रखा है जो लम्बित है।

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन