नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने ‘बोलता हिंदुस्तान’ नामक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े पत्रकार हसीन रहमानी के खिलाफ बलात्कार, आपराधिक धमकी, ब्लैकमेलिंग और शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। यह मामला दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के जामिया नगर थाने में दर्ज किया गया है।
एफआईआर संख्या 0003/2026, दिनांक 4 जनवरी 2026 के अनुसार, 34 वर्षीय पीड़िता ने आरोप लगाया है कि जनवरी 2010 से जनवरी 2026 तक, यानी करीब 16 वर्षों तक, आरोपी ने उसका बार-बार यौन शोषण किया, मानसिक उत्पीड़न किया और दबाव बनाकर उसे अपने नियंत्रण में रखा।
एफआईआर में दर्ज आरोप
पीड़िता के मुताबिक, जामिया नगर में किराएदार के रूप में रहने के दौरान उसकी पहचान हसीन रहमानी से हुई। आरोप है कि रहमानी ने मदद का भरोसा दिलाकर और शादी का वादा कर उसका विश्वास जीता। इसी भरोसे के आधार पर दोनों के बीच संबंध बने, जो बाद में जबरन और शोषणकारी होते चले गए।
पीड़िता का आरोप है कि जब उसने दूरी बनाने की कोशिश की तो आरोपी ने चोरी-छिपे बनाए गए निजी फोटो और वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। सामाजिक बदनामी और नुकसान के डर से वह बार-बार उससे मिलने को मजबूर होती रही। इस दौरान जाकिर नगर और जामिया नगर स्थित एक फ्लैट समेत कई स्थानों पर उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया।
एफआईआर में यह भी कहा गया है कि आरोपी कभी शादी का झांसा देता था, तो कभी निजी सामग्री सार्वजनिक करने की धमकी देकर उसे अपने नियंत्रण में रखता था। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसे बंधक बनाया गया, मारपीट की गई और पुलिस के पास जाने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
लंबे समय तक ब्लैकमेलिंग और डर का माहौल
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने डिजिटल सामग्री को वर्षों तक ब्लैकमेलिंग के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। लगातार डर और मानसिक दबाव के कारण पीड़िता पहले शिकायत दर्ज नहीं करा सकी। एफआईआर में कहा गया है कि जब उसे अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा महसूस हुआ, तब उसने बिना देरी के पुलिस से संपर्क किया।
एफआईआर में आरोपी के कुछ परिजनों की भूमिका या जानकारी होने के भी आरोप लगाए गए हैं, जिनकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
कानूनी धाराएं और जांच
पुलिस ने यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 69 (यौन अपराध) और धारा 351 (आपराधिक धमकी) के तहत दर्ज किया है। एफआईआर में अपराध की अवधि 29 जनवरी 2010 से 3 जनवरी 2026 तक दर्ज है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, डिजिटल साक्ष्य, पीड़िता के बयान और एफआईआर में दर्ज स्थानों की जांच की जा रही है। आरोपी से जुड़े दिल्ली और उत्तर प्रदेश के पतों को भी ट्रेसिंग के लिए रिकॉर्ड किया गया है।



