पंजाब के पटियाला में सेना के कर्नल और उसके बेटे की पुलिसवालों ने पिटाई कर दी। घटना के बाद मामले को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। कर्नल की पत्नी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडियावालों पर आरोप भी लगाएं हैं। वहीं इंडियन एक्सप्रेस और अमर उजाला की तारीफ भी की है। नीचे कर्नल की पत्नी का वीडियो देखें उसके बाद पूरा मामला पढ़ें…
पटियाला | भारतीय सेना के कर्नल पुष्पिंदर सिंह और उनके बेटे के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा की गई मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के चार दिन बाद, कड़ी आलोचना और विरोध के बाद, थाना सिविल लाइन में आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच के लिए एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन किया गया है, जिसकी अगुवाई एसपीएस परमार करेंगे।
परिवार को सुरक्षा और न्याय की मांग
कर्नल पुष्पिंदर सिंह की पत्नी जसविंदर कौर बाठ ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में सेना के पूर्व अधिकारियों के साथ प्रेसवार्ता कर पंजाब पुलिस पर लापरवाही बरतने और दोषियों को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि उनके पति और बेटे अंगद सिंह को 13 मार्च की रात कुछ पुलिसकर्मियों ने शराब के नशे में बेरहमी से पीटा। मारपीट में कर्नल के बाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया, जबकि उनके बेटे को सिर में गंभीर चोट आई।
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद एफआईआर दर्ज कराने के लिए उन्हें चार दिन तक थानों और अधिकारियों के चक्कर काटने पड़े। पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में समझौते का दबाव भी बनाया।
प्रदर्शन और सीबीआई जांच की मांग
घटना को लेकर पूर्व सेना अधिकारियों और कर्नल पुष्पिंदर सिंह के परिवार ने शनिवार को पटियाला डीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करने की घोषणा की है। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं कर रही है।
विधानसभा में गूंजा मामला
इस गंभीर घटना को लेकर विपक्ष ने भी पंजाब विधानसभा में सरकार को घेरा। हालांकि, अब SIT जांच के ऐलान के बाद पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद है। कर्नल की पत्नी ने कहा कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
वीडियो बना गवाह
घटना के समय मौजूद एक ढाबा कर्मचारी ने इस पूरे मामले का वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसी वीडियो के आधार पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग और तेज हो गई।
फिलहाल, पुलिस की ओर से यह आश्वासन दिया गया है कि एसआईटी जांच में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।




