छत्तीसगढ़ के एक पत्रकार को मुख्यमंत्री से भ्रष्टाचार की शिकायत करना भारी पड़ गया. ठेकेदार के खिलाफ शिकायत करने के बाद पत्रकार के खिलाफ अलग-अलग जिलों के थानों में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करवा दिए गए. नतीजतन पत्रकार थाने व कोर्ट के चक्कर काटकर चप्पलें घिस रहा है.
जानकारी के मुताबिक पत्रकार का नाम मनोज पाण्डेय है. पाण्डेय ने 13 मार्च 2024 को सीएम-सीजी विष्णुदेव साय से ठेकेदार सुनील अग्रवाल के भ्रष्टाचार की शिकायत की थी. इससे पहले 11 जून 2021 को पत्रकार मनोज ने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से भी ठेकेदार की शिकायत की थी. लेकिन अब इस मामले में उसके खिलाफ उल्टा कार्यवाही की जा रही है.
बताया जा रहा है कि राधेश्याम अग्रवाल का पुत्र सुनील अग्रवाल पिछले दो दशक से करोड़ों के प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है. जिनमें ज्यादातर शासकीय प्रोजेक्ट हैं और अधूरे हैं. काम में क्वालिटी की भी कमी है. मामले में अधूरे कामों का लगभग पूरा भुगतान करने के बाद शासकीय अधिकारी रिमाइंडर जैसा विभागीय काम कर रहे हैं. इसके अलावा रायपुर के तेलीबाँधा थाने में सुनील अग्रवाल के खिलाफ रेप की शिकायत की गई थी. आपसी सुलह से इस शिकायत का निपटारा हुआ.
मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में 9 मई 2024 को समीक्षा बैठक हुई, आरटीआई से मिले दस्तावेजों की माने तो ठेकेदार सुनील अग्रवाल के कामकाज में भारी अनियमितता निकली थी. जिसमें कार्य विभागीय मापदंडों के अनुसार पूरे नहीं हैं. मुख्य नहर, वितरक नहरों एवं माइनर नहरों में आउटलेट का निर्माण बकाया, कुलाबा पाइप अनुमोदित ड्रायिंग के अनुसार काम नहीं हुआ, सीमेंट कंक्रीट लाइनिंग निर्माण कार्य अधूरा है.
कुल मिलाकर सुनील अग्रवाल के बारह कार्यों में भारी गलतियां की गई हैं लेकिन न विभाग एक्शन ले सका और न ही कोई जाँच एजेंसी. जिसे लेकर पत्रकार ने पीएम, सीएम से लेकर ईडी जैसे तमाम संस्थानों को शिकायत दी, लेकिन उल्टा पत्रकार प्रताड़ित हो रहा है.
मामले में ठेकेदार सुनील अग्रवाल की शिकायत पर पत्रकार के खिलाफ एफआईआर पर एफआईआर दर्ज हो रही है. जिसमें पुलिस ठेकेदार के लिए सलाहकार की भूमिका अदा कर रही है. पत्रकार बनाम ठेकेदार के इस मामले में हनी ट्रैप, धमकी, भ्रष्टाचार और एफआईआर जैसी बहुत सी कहानी है जो राज्य के कई विभागों में जमी कालिख की पोल खोल रहे हैं.
आप फिलहाल पत्रकार द्वारा की गई यह शिकायतें देखिए….





