बलिया: उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह समेत 15 आरोपितों के खिलाफ न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। सीजेएम शैलेष कुमार पांडेय की अदालत ने यह आदेश उस समय पारित किया जब सभी आरोपित पिछले कई सुनवाईयों में हाजिर नहीं हुए।
मामला वर्ष 2015 का है, जब शहर के मालगोदाम के पास धारा 144 के उल्लंघन और सड़क जाम करने का आरोप लगा था। इस दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेशों की भी अनदेखी की गई थी। इसी प्रकरण में सदर कोतवाली पुलिस ने परिवहन मंत्री समेत 17 लोगों और करीब 150 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हुई और 2016 में संज्ञान लिया गया।
पुलिस के अनुसार, 9 सितंबर 2015 को पूर्व मंत्री नारद राय और पूर्व चेयरमैन लक्ष्मण गुप्ता के बीच विवाद को लेकर भाजपा नेताओं ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों में दयाशंकर सिंह समेत कई लोग शामिल थे।
इस मामले में दो आरोपित पहले ही कोर्ट में पेश होकर जमानत ले चुके हैं। लेकिन शेष 15 आरोपितों की अनुपस्थिति को गंभीर मानते हुए अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर पुलिस को उन्हें पेश करने का निर्देश दिया है।
सदर कोतवाल क्षितिज त्रिपाठी ने कहा कि “अदालत के आदेश का अक्षरशः पालन किया जाएगा।”
ये लोग थे शामिल : 9 सितंबर 2015 की सुबह करीब 11 बजे सूचना मिली कि मालगोदाम के पास भाजपा नेता दयाशंकर सिंह अपने समर्थकों के साथ सड़क जाम कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में उनके साथ नागेंद्र पांडे, संतोष सोनी, पप्पू पांडे, धीरज गुप्ता, सतीश अग्रवाल, दीपक कुमार, सर्वदमन जायसवाल, राजेश गुप्ता, बंटी वर्मा, रामजी गुप्ता, मनोज गुप्ता और ओमप्रकाश तुरहा सहित सौ से अधिक लोग मौजूद थे।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आईपी सिंह ने खबर की कटिंग शेयर कर इस प्रकरण में एक्स पर लिखा है-
तलाकशुदा बिहार के निवासी यूपी के परिवहन मंत्री और उसकी कारस्तानी।
बलिया के मूल निवासी विधायक का विरोध करता। प्रवासी मंत्री और प्रवासी मुख्यमंत्री भी हैं।
यूपी बाहरी लोगों से त्रस्त आ गया है। इनकी नई करतूत देखिये।

अरबों रुपये की सरकारी जमीन का घोटाला लखनऊ में किया है कौड़ियों के भाव ओमेक्स बिल्डर को बेच दिया।
राम जाने कैसे-कैसे लोग योगी सरकार में मंत्री हैं।



