Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

प्रिंट

जेल जाने से बचने के लिए अधिवक्ताओं से सम्पर्क साध रहे अखबार मालिक!

: आंदोलित कर्मचारियों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत : नई दिल्ली/ नोएडा। मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू करने की वाजिब मांग कर रहे अखबार में कार्यरत कर्मचारियों को अब बेहद संभलकर चलने की जरुरत है। 12 जनवरी को माननीय उच्चतम न्यायालय में हुई सुनवाई के बाद अखबार मालिक बेहद सतर्क हो गए हैं। अखबार मालिकों को सुनवाई में अदालत द्वारा इतना सख्त रुख अपनाये जाने की उम्मीद नहीं थी। माननीय अदालत के संज्ञान में इस बात के आने से कि मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू करने की मांग करने वाले कर्मचारियों पर अखबार मालिक फरवरी 2014 से ही लगातार जुल्म ढा रहे हैं, अखबार मालिकों को अदालत की अवमानना का दोषी पाये जाने पर जेल जाने का भय सताने लगा है। लेकिन वर्षों से कर्मचारियों का शोषण करते रहे अखबार मालिक इससे बचने के लिए फिर से धूर्तता करने जा रहे हैं।

: आंदोलित कर्मचारियों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत : नई दिल्ली/ नोएडा। मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू करने की वाजिब मांग कर रहे अखबार में कार्यरत कर्मचारियों को अब बेहद संभलकर चलने की जरुरत है। 12 जनवरी को माननीय उच्चतम न्यायालय में हुई सुनवाई के बाद अखबार मालिक बेहद सतर्क हो गए हैं। अखबार मालिकों को सुनवाई में अदालत द्वारा इतना सख्त रुख अपनाये जाने की उम्मीद नहीं थी। माननीय अदालत के संज्ञान में इस बात के आने से कि मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू करने की मांग करने वाले कर्मचारियों पर अखबार मालिक फरवरी 2014 से ही लगातार जुल्म ढा रहे हैं, अखबार मालिकों को अदालत की अवमानना का दोषी पाये जाने पर जेल जाने का भय सताने लगा है। लेकिन वर्षों से कर्मचारियों का शोषण करते रहे अखबार मालिक इससे बचने के लिए फिर से धूर्तता करने जा रहे हैं।

पुष्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कर्मचारियों का केस लड़ रहे कुछ अधिवक्ता इस कोशिश में हैं कि अखबार मालिक जेल ना जाने पाएं। आंदोलित कर्मचारियों का कहना है कि मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू ना करने के कारण अखबार मालिकों का जेल जाना तय है और अब तो माननीय उच्चतम अदालत ने कर्मचारियों पर हुए अत्याचार के बारे में उनके अधिवक्ताओं से एफिडेविट भी दायर करने को कहा है। लेकिन कुछ अधिवक्ता अखबार मालिकों से साठगांठ कर आंदोलित कर्मचारियों को बहकाने का प्रयास कर रहे हैं। इन अधिवक्ताओं की कोशिश है कि किसी भी तरह से अखबार मालिक जेल ना जाने पाएं। दूसरी ओर आंदोलित कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि अखबार मालिकों ने माननीय अदालत का फैसला लागू करने का अनुरोध करने पर जमकर अत्याचार किये। ऐसे में उन्हें किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाना चाहिए।

आंदोलित कर्मचारियों का कहना है कि वे अखबार मालिकों और कुछ अधिवक्ताओं की इस तरह की कोशिशों को कतई सफल नहीं होने देंगे और उन्हें बेनकाब करके ही दम लेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि अखबार मालिकों का जेल जाना बेहद जरुरी है जिससे कि भविष्य में कोई भी मीडिया घराना कर्मचारियों का शोषण ना कर सके और माननीय उच्चतम न्यायालय की अवमानना करने की जुर्रत ना करे। इस लिहाज से देश भर के प्रिंट मीडिया संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए आगामी दो महीने बेहद महत्वपूर्ण हैं। आगामी दो महीने इसलिए भी महतवपूर्ण हैं क्योंकि माननीय अदालत में सुनवाई की अगली तिथि 29 फरवरी मुकर्रर की गयी है। इस दौरान अखबार मालिक इस कोशिश में हैं कि किसी भी तरह से वे माननीय अदालत की अवमानना का दोषी पाये जाने से बच जाएं। क्योंकि उन्हें पता है कि अगली सुनवाई में उन पर अवमानना का आरोप पूरी तरह सिद्ध हो जायेगा। इसलिए अखबार में कार्यरत कर्मचारियों को अपने अधिवक्ताओं की इस तरह की किसी भी कोशिश को विफल करने के लिए बेहद सतर्क और सावधान रहने की जरुरत है।

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन