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उत्तर प्रदेश

सपा के दर्जा प्राप्त मंत्री ने डीपीआरओ से कहा- ‘मेरा काम करो और नौकरी करना सीखो वरना तांडव मचा दूंगा’ (सुनें टेप)

उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मद्य निषेद परिषद के चेयरमैन कुलदीप उज्जवल ने बागपत जिले के जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को फोन पर धमकाने हुए कहा- ”तुमने मेरा असली रूप नहीं देखा है… मैं तांडव मचा दूंगा.  मैं डीपीआरओ, सीडीओ, डीएम सबको नौकरी करना सिखा दूंगा’.

उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मद्य निषेद परिषद के चेयरमैन कुलदीप उज्जवल ने बागपत जिले के जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को फोन पर धमकाने हुए कहा- ”तुमने मेरा असली रूप नहीं देखा है… मैं तांडव मचा दूंगा.  मैं डीपीआरओ, सीडीओ, डीएम सबको नौकरी करना सिखा दूंगा’.

कुलदीप सपा नेता हैं और उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त है. इस बार उन्हें बागपत से सपा प्रत्याशी भी बनाया गया है. वो दो ग्राम सचिव नहीं बदले जाने से नाराज थे. कुलदीप उज्ज्वल ने इस बारे में कहा है कि ‘मेरी डीपीआरओ से जो बात हुई वह जनता का गुस्सा था. मैं व्यक्तिगत नहीं, बल्कि जनहित के लिए यानी गांवों की कार्ययोजना बनाने के संबंध में पंचायत सचिव नियुक्त करने की बात कह रहा था और छह माह से कोई काम नहीं हो रहा है, इसमें पंचायत सचिव, डीपीआरओ लापरवाही कर रहे हैं. मैंने कोई गाली नहीं दी और न ही कोई धमकी दी.’

टेप सुनने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें :

https://www.youtube.com/watch?v=hgZSw833t80

डीपीआरओ द्वारा सौंपी गई कॉल रिकार्डिग का ट्रांसक्रिप्ट इस प्रकार है….
कुलदीप उज्जवल : हेलो
डीपीआरओ : जी मंत्री जी
कुलदीप उज्जवल : क्या बात? फोन क्यों काट दिया?
डीपीआरओ : काटा नहीं था। आपने काट दिया था.
कुलदीप उज्ज्वल : ऐसा है डीपीआरओ साहब. मेरा असली रूप नहीं देखा अब तक. ये जो आपका डीएम है न ये सारी जिंदगी नौकरी करके अब उमर के लास्ट पड़ाव पर डीएम बना है. मैं सोमवार को आ रहा हूं कलक्ट्रेट में. मैं स्टूडेंट लीडर रहा हूं. प्रेसीडेंट रहा हूं. मैं, तुम्हारी, सीडीओ व डीएम तीनों की असलियत बताऊंगा कि तुम कर क्या रहे हो? मेरे पास तुम लोगों का कच्चा चिट्ठा है. मैं समाजवादी पार्टी का कैंडिडेट हूं. मैंने दो लोगों के लिए कहा है केवल. एक मेरे गांव का है और एक के लिए न्याय पंचायत के छह के छह प्रधानों ने मांग की है.
डीपीआरओ : सर मेरे बस का होता तो कब का कर देते….
कुलदीप उज्ज्वल : अब देखना, ये जो तिवारी है ना डीएम, बता देना कि ये कैसे यमुना का रेत उठवाता है. मेरे पास सबका कच्चा चिट्ठा है. मेरे पास रजिस्टर है. एक आदमी नहीं बच रहा है, जिसका नाम न हो… देखना क्या तांडव मचाता हूं. कुलदीप उज्ज्वल एक ईमानदारी, एक सच्चाई का नाम है। जो दलाली नहीं करता जो पैसे नहीं लेता. अगर ये ब्राह्मण यहां से भाग नहीं गया तो कुलदीप उज्ज्वल नाम बदल देना. काफी देर बात के बाद.. शर्म नहीं आई. इसको बताता हूं ये क्या करेगा? इसकी औकात बताता हूं.

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