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उत्तर प्रदेश

कोतवाल ने गैस एजेन्सी मालिक को हवालात में डाला मगर एसडीएम हुए मेहरबान

देवरिया : चापलूस, दलाल पत्रकारों की अनसुनी करते हुए एक पुलिस अफसर ने तो एक गैस एजेन्सी मालिक को रात भर हवालात की हवा खिलाने के बाद में शान्ति भंग की आशंका में चालान कर दिया लेकिन एसडीएम ने अपने मातहत को आदेश दे दिया कि उसे रिहा कर दिया जाय, जमानत की कागजी कार्यवाही बाद में कर ली जाएगी। 

देवरिया : चापलूस, दलाल पत्रकारों की अनसुनी करते हुए एक पुलिस अफसर ने तो एक गैस एजेन्सी मालिक को रात भर हवालात की हवा खिलाने के बाद में शान्ति भंग की आशंका में चालान कर दिया लेकिन एसडीएम ने अपने मातहत को आदेश दे दिया कि उसे रिहा कर दिया जाय, जमानत की कागजी कार्यवाही बाद में कर ली जाएगी। 

एसडीएम के इस गैर कानूनी प्रयास की जानकारी जब मण्डलायुक्त को दी गई तो उन्होने डी एम और एस डी एम से शिकायत करने की सलाह दे कर मामले से पल्ला झाड़ लिया। डी एम का मोबाइल नहीं उठा लेकिन ए डी एम प्रशासन ने सारी बात जान समझकर कहा कि एक एस डी एम को बहुत पावर है। वह किसी भी व्यक्ति की मौखिक जमानत ले सकता है। किस एक्ट में इस तरह से किसी एस डी एम को यह सुविधा है, इस प्रश्न पर उन्होंने चुप्पी साध ली। 

मामला देवरिया जिला मुख्यालय का है जहां देवरिया गैस सर्विस मालवीय रोड देवरिया के मालिक, प्रबन्धक और कार्यकर्ता बाल कृष्ण सिंह उर्फ रामू सिंह का अपने किराए दारों के साथ काफी पुराना विवाद है। कोतवाल गजेन्द्र राय के मुताबिक बुधवार की रात रामू सिंह अपने किराएदारों के साथ मारपीट कर रहा था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से तीन तीन लोगों को थाने में लाकर हवालात में बन्द कर दिया। इसके बाद कुछ पत्रकारों ने रामू सिंह को थाने से नहीं छोड़ने पर थानेदारी से हटवाने की धमकी दी। गजेन्द्र राय ने सभी मुल्जिमों को 107, 116, 151 सी आर पी सी में चालान करते हुए एस डी एम सदर अजय कुमार श्रीवास्तव के न्यायालय में भेज दिया। 

बताया जाता है कि एस डी एम ने जमानत के कागजात बिना पूरा कराए ही फोन से अपने लिपिक को रामू सिंह तथा अन्य को रिहा करने का मौखिक आदेश दे दिया। इसके बाद सभी को रिहा कर दिया गया। आजकल एस डी एम सदर की इस गैस एजेन्सी मालिक पर गैरकानूनी कृपा की शहर में खूब चर्चा है। 

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