हरदोई | जिले में अतुल ज्वैलर्स की दुकान से हुई सोने की चोरी के मामले में खबर प्रकाशित करने के बाद सात पत्रकारों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उन्हें बड़ी राहत प्रदान की है। अदालत ने पत्रकारों की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए उन्हें राहत दी है। यह फैसला पत्रकारिता की स्वतंत्रता और कानून के दुरुपयोग के बीच संतुलन बनाने वाला माना जा रहा है।
पूरा मामला जानिए
23 मई को अतुल ज्वैलर्स के मालिक शिवम कपूर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी दुकान से सोना चोरी हुआ है। पुलिस ने कर्मचारी बालकृष्ण पांडेय समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि चोरी हुए सोने का वजन लगभग 19 किलो था और दो अन्य व्यक्तियों, अरविंद गुप्ता व बाकू, को भी जांच के दायरे में बताया गया।
इसके बाद अरविंद गुप्ता ने आत्महत्या कर ली। उसके सुसाइड नोट में लिखा था कि उसने ढाई साल पहले बालकृष्ण से सोना खरीदा था, लेकिन उसे नहीं पता था कि वह चोरी का माल है। उसे आशंका थी कि पुलिस उसे प्रताड़ित करेगी।
पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई
अरविंद की आत्महत्या के बाद पुलिस ने इस घटना की खबर छापने वाले सात पत्रकारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इनमें दैनिक भास्कर के फैज़ी खान ने रात में ही भास्कर पर खबर ब्रेक की थी जबकि सिटी अपडेट के उवैद खान ने आत्महत्या की घटना के चार घंटे बाद खबर प्रकाशित की थी। इसके बावजूद उनका नाम एफआईआर में शामिल कर लिया गया
हाईकोर्ट ने दी राहत
हरदोई के कुछ वरिष्ठ पत्रकारों ने एसपी नीरज कुमार जादौन से मुलाकात कर मामले में सहयोग की अपील की। 10 जून को हाईकोर्ट ने वकील अनूप बाजपेई की दलीलों पर सुनवाई करते हुए सभी पत्रकारों को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की।
इस फैसले के बाद पत्रकारों ने राहत जताई और कहा कि यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ (मीडिया) को दबाने का प्रयास था, जिसे अदालत ने रोक दिया। अब मामले की अगली सुनवाई का इंतजार है।
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