Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

पत्रकार द्वय आनंद पांडे एवं हरीश दिवेकर को राजस्थान पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के विरोध में तत्काल हस्तक्षेप की मांग

सेवा में,

माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार

माननीय मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार

विषय: मध्य प्रदेश के दो पत्रकारों — श्री हरीश दिवेकर एवं श्री आनंद पांडे — को राजस्थान पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के विरोध में तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा हेतु तत्काल हस्तक्षेप की मांग।

माननीय महोदयगण,

सविनय निवेदन है कि हाल ही में राजस्थान पुलिस द्वारा डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म “The सूत्र” से जुड़े दो वरिष्ठ पत्रकारों — श्री हरीश दिवेकर एवं श्री आनंद पांडे — को मध्य प्रदेश के इंदौर से हिरासत में लिए जाने की खबर से संपूर्ण मीडिया जगत में गहरा आक्रोश और चिंता व्याप्त है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह कार्रवाई राजस्थान से संबंधित कुछ समाचार प्रकाशित किए जाने के पश्चात की गई है। यदि यह तथ्य सत्य है, तो यह न केवल पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर प्रहार है, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (अनुच्छेद 19(1)(क)) का प्रत्यक्ष उल्लंघन भी है।

पत्रकार समाज का दर्पण होते हैं — वे जनता की आवाज़ और लोकतंत्र की आँख हैं।

सत्ता की आलोचना करना, तथ्यों की जांच करना और जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध नहीं, बल्कि यही पत्रकारिता का धर्म है।

ऐसे में स्वतंत्र मीडिया को भयभीत करने या दमनात्मक कार्रवाई करने की प्रवृत्ति लोकतंत्र की आत्मा को आहत करती है।

अतः, इंडियन मीडिया काउंसिल निम्नलिखित माँगें प्रस्तुत करती है —

हमारी माँगें:

पत्रकार श्री हरीश दिवेकर एवं श्री आनंद पांडे की तत्काल रिहाई सुनिश्चित की जाए। राजस्थान पुलिस की इस कार्रवाई की न्यायिक जांच कराई जाए। भविष्य में मीडिया कर्मियों की गिरफ्तारी या उत्पीड़न के मामलों में स्पष्ट दिशानिर्देश बनाए जाएँ, जिससे पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्रता सुनिश्चित हो सके। केंद्र एवं राज्य स्तर पर एक “मीडिया फ्रीडम मॉनिटरिंग सेल” गठित की जाए, जो ऐसे मामलों की निगरानी करे एवं आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा करे।

हम यह भी अपेक्षा करते हैं कि राजस्थान सरकार इस घटना पर शीघ्र, स्पष्ट एवं पारदर्शी बयान जारी करे, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिकों का विश्वास पुनर्स्थापित हो सके।

लोकतंत्र में असहमति देशद्रोह नहीं होती, और सवाल उठाना अपराध नहीं है।

आपसे निवेदन है कि इस मामले में तत्काल संज्ञान लेकर न्यायपूर्ण एवं संवैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

भवदीय,

(रमाकांत गोस्वामी)

राष्ट्रीय अध्यक्ष

इंडियन मीडिया काउंसिल

दिनांक: 18 अक्टूबर 2025

स्थान: नई दिल्ली

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन