देहरादून। वरिष्ठ पत्रकार हेम भट्ट पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस की कार्रवाई एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। हमले के आरोपियों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन महज पांच मिनट में ही उन्हें छोड़ भी दिया गया। इस घटनाक्रम से पत्रकार समुदाय में भारी नाराज़गी है और इसे पुलिस की ढुलमुल व संदिग्ध कार्यप्रणाली बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, हरिद्वार निवासी पत्रकार हेम भट्ट ने शिकायत दर्ज कराई थी कि शुक्रवार रात जब वे स्कूटी से घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में तीन अज्ञात युवकों ने उन्हें रोककर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देते हुए हमला किया। आरोप है कि हमलावरों ने उनकी स्कूटी रोककर मारपीट शुरू कर दी, जिससे वे बाल-बाल बचे।
मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया, जिनकी पहचान मोहम्मद कैफ (निवासी गांधी रोड) और मोहम्मद ताबिश (निवासी गांधी रोड) के रूप में हुई। तीसरे आरोपी समीर (निवासी मेहूवाला) की तलाश की बात कही गई, लेकिन दोनों पकड़े गए आरोपियों को पूछताछ के बाद नोटिस देकर छोड़ दिया गया।
इस कार्रवाई से नाराज़ पत्रकारों ने पुलिस महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) सुनील कुमार मीणा से मुलाकात कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पत्रकारों का कहना है कि जब मामला जानलेवा हमले का है, तो सिर्फ नोटिस देकर छोड़ देना कानून का मज़ाक उड़ाने जैसा है।
उधर, उत्तराखंड प्रेस क्लब ने भी इस घटना की निंदा की है। प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजय राणा के नेतृत्व में आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए गए। हेम भट्ट ने बैठक में पूरी घटना का ब्यौरा देते हुए कहा कि यदि पुलिस इसी तरह आरोपियों को संरक्षण देती रही, तो प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा सिर्फ कागज़ों तक सीमित रह जाएगी।
पत्रकार संगठनों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए और उन्हें कानून के तहत कड़ी सज़ा दी जाए, ताकि भविष्य में पत्रकारों पर हमले करने वालों को स्पष्ट संदेश मिल सके।
मुस्कुराइये! क्योंकि आप देहरादून में है… दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर पढ़िये।
देहरादून में कुछ लोगो ने वरिष्ठ पत्रकार हेम भट्ट पर हमला कर ज़ख़्मी कर दिया। पुलिस ने पीटने वाले दो पकड़े और छोड़ दिए। खबर में लिखा है कि तीसरे तलाश जारी है।
एसएसपी अजय सिंह के लिए एक सुझाव है, कप्तान साहब जब बाद में छोड़ने ही है तो पकड़ने से ऊर्जा बर्बाद क्यों करनी! पत्रकारों का क्या है पिटते पिटाते रहते है। आप अपने काम पर फोकस कीजिए। -अजीत सिंह राठी, वरिष्ठ पत्रकार

गिरफ्तारी की खबर…
पत्रकार हेम भट्ट पर हमले के दो आरोपी गिरफ्तार, तीसरे की तलाश जारी


