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उत्तर प्रदेश

IAS अभिषेक प्रकाश को गिफ्ट में दो कीमती प्लॉट देकर अंसल ग्रुप घोटाले पर घोटाला करता रहा!

मनीष श्रीवास्तव-

अंसल एपीआई की सुशांत गोल्फसिटी टाउनशिप में वर्षों से जहां हजारों निवेशक एक प्लॉट पाने को तरस रहे हैं। वहीं सोलर प्रोजेक्ट में 350 करोड़ से ऊपर के घूसखोरी कांड में सुर्खियां बटोर रहे आईएएस अभिषेक प्रकाश को लखनऊ डीएम रहते फ्रॉड बिल्डर ने कॉर्नर के कीमती दो-दो प्लॉट दे डाले। वो भी पार्क की जमीन पर।

2019 में अंसल के खिलाफ रेरा ने 600 करोड़ का फंड डायवर्जन का नोटिस दिया था। इसी के बाद अभिषेक प्रकाश को डीएम लखनऊ का चार्ज मिला था।

खैर, पार्क पर खड़े दोनों प्लॉट्स को जोड़कर बनाया गया साहब का आलीशान बंगला देखते ही बनता है। अंसल के महाघोटाले की रफ्तार इसी ‘गिव एन्ड टेक’ की पॉलिसी ने बढ़ाई है।

जिन आवंटियों से पार्क के नाम पर लाखों रुपये प्राइम लोकेशन चार्ज अंसल द्वारा लिए गए थे। उनकी रजिस्ट्री में लिखा था कि पार्क न मिलने पर नौ फीसदी ब्याज संग पैसा वापस किया जाएगा।

यहां रह रहे पुराने निवासियों के पास मौजूद नक्शे में पार्क दर्ज है। पार्क की जमीन तमाम रसूखदारों को बेच दी गयी। इसके लिए बाद में डीपीआर से खिलवाड़ किये जाने की भी प्रबल संभावना है। दोनों भूखण्डों की रजिस्ट्री के बाद 2020 में एलडीए वीसी का एक्स्ट्रा चार्ज डीएम रहे अभिषेक प्रकाश के कंधों पर आया था।

अंसल ग्रुप की सुशांत गोल्फ सिटी महाघोटाला टाउनशिप की निगरानी का जिम्मा तो इसी एलडीए का ही है, आगे आप समझदार हैं। कितना लाभ इन अफसरों और नेताओं ने बिल्डर को पहुंचाया है। ये तो वही जाने।

डीएम अंसल के खिलाफ अरबों की रिकवरी वसूलने में गंभीर नहीं हैं। सैकड़ों करोड़ की सरकारी जमीनों को खुलेआम बेच डाला गया। वहीं डीपीआर में मनमाफिक बदलाव अंसल को फायदा पहुंचाने के लिए जमकर एलडीए अफसरों ने किए।

ये खबर पढ़ें…

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1 Comment

1 Comment

  1. Vipin Subnis

    March 23, 2025 at 5:18 pm

    It is very sad story of our country that corrupt accumulate millions and till such time our govt is sleeping .Culprit is caught after so many years of corruption .why not at initial stage .

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