प्रवीण दुबे-
एमपी कैडर के 2014 बैच के IAS अधिकारी अवि प्रसाद इन दिनों भारी चर्चा में हैं. हालाँकि मैं इनके काम करने के अंदाज़ से (अभी के चर्चित कामों से नहीं) काफ़ी प्रभावित था. रूबरू नहीं मिला लेकिन सोशल मीडिया के ज़रिये संवाद करता था, जब ये कटनी कलेक्टर थे..
बेहद क़ाबिल हैं. सुदर्शन हैं. इस नौकरी से पहले भारतीय राजस्व सेवा में चयनित हुए. उन्हें संतोष नहीं हुआ. दोबारा बैठे UPSC में.. फिर चयनित हुए भारतीय पुलिस सेवा में मगर इस बार भी संतुष्ट नहीं हुए. फिर बैठे परीक्षा में और उसके बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा में टॉप की सूची में आए.
यानी उनकी संतुष्टि का पैमाना बड़ा ऊँचा है.. एक बार मिले अवसर से उन्हें संतोष नहीं होता और वे बेहतर मुक़ाम पाने के लिए “तीन अटेम्प्ट” करते ही हैं..पेशे में ठीक भी है ये ज़िद लेकिन निज़ी जीवन में बेहतर मुक़ाम हासिल करने की ये ज़िद तीसरे अटेम्प्ट में थम जाए तो ही बेहतर…
तकरीबन दस साल में तीन शादियाँ और तीनों आईएएस से. इनमें से दो एमपी के दो जिलों में कलेक्टर हैं. जो उनकी नववधु हैं, उनके भी किसी भी वक्त जिले में कलेक्टर बनने के ऑर्डर ज़ारी हो सकते हैं. इस कथा में गैर कानूनी कुछ नहीं है..ये पत्नी से विधिवत तलाक लेकर ही अगली शादी करते हैं..हालाँकि इनकी कहानी में ये राहत इन्दौरी की ग़ज़ल के शेर की तरह नज़र आ ज़रूर रहे होंगे..वो कुछ यूँ है.
तूफ़ानों से आँख मिलाओ, सैलाबों पर वार करो
मल्लाहों का चक्कर छोड़ो, तैर के दरिया पार करो
और इश्क़ यदि ख़ता है तो….
ये ख़ता एक बार नहीं सौ बार करो..
मगर दाम्पत्य एक ऐसा मसला है, जिसे दंपत्ति के अलावा कोई माई का लाल नहीं समझ सकता कि यदि दाम्पत्य ख़तरे में आया, तो गलती किसकी थी…लिहाज़ा तीन अटेम्प्ट करना इनका शौक है, ज़िद है, जूनून है, बेहतर मुकाम हासिल करने की ललक है या मजबूरी…. दूर बैठा कोई भी व्यक्ति इसका दायित्व निर्धारण कर ही नहीं सकता..यहाँ तक कि कई बार कोर्ट तक नहीं कर पाती.. कोई कह रहा है कि कुछ शादियाँ कैडर परिवर्तन के लिए भी परस्पर समझौते के तहत भी हुई हैं…
शादी करने से कैडर बदलने में आसानी हो जाती है..यानी दोनों पक्ष जानते थे कि ये शादी नहीं है, एक पेशेगत समझौता मात्र है.. ऐसे में सिर्फ़ कयास लगाकर अपनी सुविधा अनुसार जनता चटकारे ले सकती है लेकिन असल वज़ह नहीं तलाश सकती..बहरहाल, अभी तो सोशल मीडिया में ये ख़बर भारी सनसनी बनी हुई है…हमारे प्रदेश का मसला है तो हमने भी सिर्फ इसलिए लिख मारा.
यह मध्य प्रदेश के आईएएस ऑफिसर अवी प्रसाद है और 2014 बैच के अधिकारी हैं. हाल ही में उन्होंने तीसरी शादी किया है और उनकी तीनों पत्नियों आईएएस ऑफिसर है। उनकी पहली पत्नी रिजु बाफना थी जो इस वक्त शाहजहांपुर की कलेक्टर है। रिजु से तलाक लेने के बाद इन्होंने आईएएस मिशा सिंह से दूसरी शादी की जो रतलाम की कलेक्टर है।
यह रिश्ता भी चल नहीं पाया और अब इन्होंने आईएएस अधिकारी अंकिता धाकरे से की है. धाकरे राज्य मंत्रालय (प्रशासनिक सेवा) में डिप्टी सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत हैं। -कविश अजीज लेनिन





Yeshwant Pande
February 19, 2026 at 9:22 am
कुछ ज्यादा ही चर्चा मे रहते है सरकारी अफसर सोशल मिडीया के कारण. नही तो आम नागरीक को कलेक्टर के सिवाय न तो नाम पता होता था और न ही गतीविधीया. वैसे भी किसीके व्यक्तिगत जिवन मे रूची लेना ठीक नही है.