Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तर प्रदेश

पत्रकार को गुंडा बता तड़ीपार करने वाले IAS गौरांग राठी को हाईकोर्ट ने पढ़ाया पाठ!

उन्नाव- यूपी में सच दिखाना और बताना फिलहाल पत्रकारों के लिए आसान नहीं रह गया है। यूपी सरकार की पोल खोलना एक पत्रकार को इस कदर भारी पड़ गया कि उन्नाव कलेक्टर गौरांग राठी ने कानून की किताब पर काला कपड़ा डालकर न सिर्फ पत्रकार पर गुंडा एक्ट की कार्यवाही कर दी बल्कि उसे 6 माह के लिए तड़ीपार कर दिया।

दरअसल, उन्नाव के रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार वीरेंद्र यादव वर्तमान में लखनऊ से अपना एक वेब चैनल संचालित कर रहे हैं। विगत 23 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने वाले वीरेंद्र IBN7, NEWS NATION, P7 News समेत ETV भारत में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और साल 2018 उन्नाव के माखी रेप कांड की खबर को पूरी दुनिया को दिखाने वाले वीरेंद्र को सच दिखाने की भारी क़ीमत चुकाते हुए NEWS NATION ने बाहर का रास्ता दिखा दिया था।

यही नहीं उन्नाव रेप काण्ड में बतौर पत्रकार CBI के गवाह भी थे और उन्हें सरकारी गनर की पुलिस सुरक्षा भी मुहैया थी लेकिन पत्रकारिता में सच दिखाने के इनाम के तौर पर वीरेंद्र पर 2 फ़र्ज़ी मुकदमे दर्ज़ कर उन पर गुंडा एक्ट की कार्यवाही उन्नाव प्रशासन ने की। जिसके बाद उन्नाव के तत्कालीन कलेक्ट्रेट गौरांग राठी ने 16 अप्रैल 2026 को पत्रकार वीरेंद्र यादव को 6 माह के लिए जिला बदर कर दिया।

हालांकि पत्रकार ने उन्नाव DM को चिट्ठी लिखकर अपने को बेगुनाह बताते हुए अपील भी की थी, लेकिन DM गौरांग राठी ने एक नहीं सुनी और गुंडा एक्ट अधिनियम की धज्जियाँ उड़ाते हुए पत्रकार वीरेंद्र की सुरक्षा हटने के 4 दिन बाद ही गुंडा एक्ट की नोटिस और उसके बाद जिला बदर की कार्यवाही कर दी।

जिंदगी के 23 साल बतौर पत्रकार सेवा देने वाले वीरेंद्र ने पहले लखनऊ कमीश्नरी और उसके बाद हाईकोर्ट लखनऊ बेंच से न्याय की गुहार लगाई। जिसके बाद 7 मई को हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए मात्र 2 मुकदमों मे गुंडा एक्ट की कार्यवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्नाव के तत्कालीन जिलाअधिकारी गौरांग राठी का ना सिर्फ आदेश रद्द कर दिया बल्कि माननीय उच्च न्यायलय की खंड पीठ लखनऊ न्यायाधीश ने हिंदी भाषा में तत्कालीन कलेक्टर गौरांग राठी को गुंडा एक्ट की परिभाषा समझाई की गुंडा कौन होता है? और DM गौरांग राठी के आदेश को तत्काल निरस्त कर दिया….

वहीं हाईकोर्ट के आदेश के बाद जहां पत्रकार वीरेंद्र को राहत मिली वही योगी सरकार की साख को बचाने के लिए संविधान की भी धज्जियाँ उड़ाने वाले ऐसे अधिकारियों को हाईकोर्ट ने बढ़िया पाठ पढ़ाया।

कोर्ट ने अपने आदेश में क्या कहा लिखा- पढ़ें…

Official court document header: High Court of Judicature at Allahabad Lucknow with emblem and a QR code, listing a matter under Article 227, 2026 era.
Page 2 of a Hindi document with numbered sections and dense Devanagari text.
Page 3 of a Hindi legal document; header shows A227 No. 2449 of 2026, with sections 6–9 in dense Hindi text.
Page 4 of a legal document; top right shows case A227 No. 2449 of 2026; Hindi text about a stay order; dated May 7, 2026; signed by Subhash Vidyarthi, J.
Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन