नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन में मीडिया और संचार से जुड़ी जिम्मेदारी अब वरिष्ठ IIS अधिकारी डॉ. मनीषा वर्मा के कंधों पर होगी। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने राष्ट्रपति सचिवालय के प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए उन्हें संयुक्त सचिव स्तर (Joint Secretary level) पर प्रेस सचिव नियुक्त किया है।
डॉ. वर्मा, 1995 बैच की भारतीय सूचना सेवा (IIS) अधिकारी, अब तक स्वास्थ्य मंत्रालय में अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) के पद पर सेवाएं दे रही थीं। सार्वजनिक स्वास्थ्य संचार, नीति निर्माण और प्रशासनिक नेतृत्व में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी तैनाती लेवल-14 वेतन मैट्रिक्स के तहत होगी और यह नियुक्ति राष्ट्रपति के कार्यकाल तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।
क्यों अहम है यह नियुक्ति?
प्रेस सचिव वह पद है जो राष्ट्रपति और जनता के बीच मुख्य सेतु का काम करता है। राष्ट्रपति के कार्यक्रम, नीतियां, आधिकारिक घोषणाएं और बयानों को मीडिया तक पहुंचाने की जिम्मेदारी इसी पद पर होती है। प्रेस सचिव न सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करते हैं बल्कि राष्ट्रपति से जुड़े सभी मीडिया सवालों का जवाब देने और राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयानों को सही संदर्भ में पेश करने की भी जिम्मेदारी निभाते हैं।


डॉ. मनीषा वर्मा का प्रशासनिक अनुभव और संचार कौशल ऐसे समय में राष्ट्रपति सचिवालय को और अधिक सक्रिय व पारदर्शी बनाने में मदद करेगा, जब देश में सरकार और जनता के बीच संवाद को और गहराई देने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
महिला नेतृत्व की मिसाल
डॉ. वर्मा की नियुक्ति प्रशासनिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक नजरिए से भी बेहद अहम है। यह इस बात का प्रतीक है कि महिलाएं उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक पदों पर अपनी पहचान मजबूत कर रही हैं। राष्ट्रपति के मीडिया प्रबंधन और जनसंपर्क कार्यों में उनका नेतृत्व न सिर्फ संस्थान को नई दिशा देगा बल्कि महिला सशक्तिकरण की प्रेरक कहानी भी बनेगा।
पृष्ठभूमि और योगदान
डॉ. मनीषा वर्मा ने भारतीय सूचना सेवा में अपने करियर के दौरान विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में काम करते हुए संचार रणनीतियों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है। विशेष रूप से स्वास्थ्य मंत्रालय में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही, जहां उन्होंने स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े कई राष्ट्रीय अभियानों को आगे बढ़ाया।
उनके काम ने यह साबित किया है कि जटिल नीतियों और संवेदनशील मुद्दों को किस तरह सरल और प्रभावी भाषा में जनता तक पहुँचाया जा सकता है।



