इंडिया न्यूज़ में एक बार फिर वेतन संकट गहरा गया है। कर्मचारियों को पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे वे गंभीर आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। वेतन न मिलने के कारण कई कर्मचारियों ने काम करना बंद कर दिया है।
इसी बीच संस्थान ने कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। डिजिटल विभाग की एचआर आशी श्रीवास्तव ने कर्मचारियों को ई-मेल भेजकर चेतावनी दी है कि यदि वे काम पर नहीं आए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उन्हें नौकरी से निकाला जा सकता है।
कर्मचारियों का कहना है कि जब उनके पास दफ्तर आने तक के पैसे नहीं हैं, तो वे काम पर कैसे आएं। वेतन न मिलना और ऊपर से नौकरी जाने की धमकी, कर्मचारियों की मुश्किलों को और बढ़ा रही है।
कर्मचारियों में भारी नाराज़गी है। उनका कहना है कि यह घोर कलयुग है, जहां अपना वेतन मांगने पर ही नौकरी से निकालने की बात की जा रही है। कर्मचारियों ने अन्य पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को भी ऐसे वेतन न देने वाले संस्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।
HNN NEWS 24*7 जो नोएडा से संचालित होता है, जिस दिन से चैनल आया है तभी से यहां की सैलरी टाइम पर नहीं है। रोज नए-नए बहाने बनाए जाते हैं। वादा तो सात तारीख को देने का कहा था लेकिन अभी तक सैलरी नहीं दी गई है।
16 दिसंबर के बाद कहा कि 17 को आएगी लेकिन भरोसा अभी नहीं है। वहां के लोगों की सैलरी नहीं दे रहे हैं। कभी भी किसी को निकाल देते है, नई टीम लाए तो पुराने लोगों को निकाला जा रहा है। सैलरी काट दी जा रही है अगर सैलरी को लेकर एचआर से सवाल किया जाए तो डांट दिया जाता है कि ये एचआर का काम नहीं है। पता नहीं अगर सैलरी एचआर का काम नहीं है तो किसका है। कभी कहा जाता है देहरादून वालों के साथ सैलरी आएगी कभी कहते हैं बैंक अकाउंट की दिक्कत है। असली बात क्या है ये किसी को नहीं पता..
बीते दिनों एक लड़की ने सैलरी का पूछ लिया था तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया… अब 17 का कहा है लेकिन किसी को भरोसा नहीं है। हो सकता है कल आ जाए, लेकिन चांस कम है रोजाना झूठ बोला जाता है। लोगों को कभी निकाल दिया जाता है अब तक ये चैनल कई लोगों को निकाल चुका है।
पीड़ित पत्रकारों द्वारा भड़ास को भेजे गए मेल पर आधारित



