यशवंत सिंह-
हमारे जिले ग़ाज़ीपुर के दैनिक जागरण के पत्रकार अशोक सिंह जी के सुपुत्र और छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस अफ़सर संतोष सिंह जी का ग़ाज़ीपुर नगर आगमन पर नगर के प्रबुद्ध जनों द्वारा हार्दिक स्वागत किया गया। देखें पत्रकार सुजीत सिंह प्रिंस जी द्वारा मौके से भेजी गई कुछ तस्वीरें!











संजीव गुप्त-
कल साहित्य चेतना समाज के संस्थापक अमरनाथ तिवारीजी के गाज़ीपुर नगर स्थित आवास पर संस्था के पूर्व प्रतिभागी, देवकली निवासी डॉ संतोष जी से मिलना हुआ जो वर्तमान में रायपुर छत्तीसगढ़ के डी आई जी हैं।
अखबार में काम करने वाले पिता अशोक सिंह जी ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में तीनों बच्चों को पढ़ाकर अफसर बनाया यह उदाहरणीय है। अत्यंत मेधावी छात्र सन्तोष जी ने नवोदय में स्टेट रैंक होल्डर से bhu गोल्ड मेडलिस्ट, jnu एंड दिल्ली विश्वविद्यालय होते हुए आईपीएस तक की यात्रा की, लेकिन असली महत्वपूर्ण बात यह है कि आईपीएस के रूप में आपने देश मे विशिष्ट पहचान बनाई।
आपने निजात अभियान चलाकर नशा उन्मूलन, चाइल्ड फ्रेंडली पुलिसिंग से बच्चों के शोषण पर रोक और कोविड में मास्क वितरण का विश्व रिकॉर्ड बनाया।
आपको अमेरिका में वर्ल्ड बेस्ट पोलिसिंग हेतु सम्मानित किया गया और सरकारों ने आपके अभियान को सभी जगह लागू किया।नक्सलवाद के उन्मूलन में भी आपने महत्वपूर्ण व मानवीय भूमिका निभाई है।
साहित्य चेतना समाज के उपाध्यक्ष के नाते मुझे गर्व है कि एक विद्यार्थी के रूप में आपको प्रतियोगी प्लेटरफॉर्म देकर संस्था ने देश को होनहार पुलिस अधिकारी देने में न सिर्फ भूमिका निभाई बल्कि समाज को यह उदाहरण मिला कि हीरा शहरी मंडियों में नहीं ऐसे पिछड़े अंधेरे इलाकों में भी पाए जाते हैं बस अच्छे तरासवान मिलने चाहिए।
देखें ये प्रेरणादायी वीडियो-
सुजीत सिंह प्रिंस –
संघर्ष की तपिश से उभरे आईपीएस डॉ. संतोष सिंह का गाजीपुर में भव्य स्वागत, अमेरिका में भी बजाया भारत का डंका
गाजीपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के डीआईजी और आईपीएस अधिकारी डॉ. संतोष सिंह का उनके गृह जनपद गाजीपुर में भव्य स्वागत किया गया। साहित्य चेतना के संस्थापक अमरनाथ तिवारी के आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में बुद्धिजीवियों ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। उनके आगमन से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
स्वागत समारोह के दौरान डॉ. संतोष सिंह के पिता ने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि जब वे कठिन परिस्थितियों में अपने बच्चों को शिक्षित कर रहे थे, तब लोग ताने मारते थे—“क्या अपने बेटे को एसपी बनाएंगे?” लेकिन जब उनका बेटा आईपीएस बना और बुलंदियों को छूने लगा, तो वह दिन उनके जीवन का सबसे गौरवशाली क्षण बन गया। इस दौरान वे भावुक हो उठे।
इस भव्य स्वागत से अभिभूत डॉ. संतोष सिंह ने सभी बुद्धिजीवियों और गाजीपुर की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “एक छोटे से गाँव से निकलकर आईपीएस बनने तक का सफर आसान नहीं था, लेकिन मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से यह मुकाम हासिल किया जा सकता है।”
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मिली पहचान
देश-विदेश में अपनी उपलब्धियों के लिए चर्चित डॉ. संतोष सिंह को अमेरिका में भी विश्वस्तरीय सम्मान प्राप्त हो चुका है। उन्होंने अपनी कार्यशैली और दक्षता से भारत का डंका बजाया है। बावजूद इसके, वे अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं और अपने गाँव के प्रति विशेष लगाव रखते हैं।
स्वागत समारोह में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ:
• डॉ. पारस नाथ सिंह – पूर्व अध्यक्ष, साहित्य चेतना महासंघ
• रीनानाथ धूरी – वरिष्ठ पत्रकार
• भागवत कुमार – शिक्षक
• आलोक राय “अखण्ड” – अध्यक्ष, योग शाखा प्रज्ञा पीठ संघ, गाजीपुर
• मोनपाल जी बब्लू – कोऑर्डिनेटर, साहित्य चेतना महासंघ
• प्रभु नारायण सिंह – एडवोकेट
• ऋषिकांत पांडेय – पत्रकार
• रामचंद्र शर्मा – इंश्योरेंस एडवाइजर (SBI Life & Star Health Insurance)
• सत्तू राय – शिक्षक
• प्रहलाद त्रिपाठी – संयोजक, युवा प्रेरणा संस्थान, गाजीपुर
• श्री विपिन उर्फ़ान – पदाधिकारी, कृषि परिषद, गाजीपुर
• श्री मंगलेश कुमार गुप्ता – कार्यकर्ता, कचहरी, गाजीपुर
• श्री एस. एच. रजा – सहायक अभियंता, बिजली विभाग
• डॉ. तौफीक गुप्ता – सामाजिक कार्यकर्ता
• डॉ. नवीन प्रकाश – चिकित्सा विशेषज्ञ
• संजीव गुप्ता – उद्यमी और समाजसेवी!
कार्यक्रम के दौरान साहित्य, शिक्षा और प्रशासनिक सेवा में उत्कृष्ट योगदान को लेकर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि डॉ. संतोष सिंह जैसी शख्सियतें न केवल समाज को प्रेरित करती हैं, बल्कि नई पीढ़ी को कठिन परिश्रम और ईमानदारी की राह पर चलने के लिए प्रेरित भी करती हैं।




प्रोफेसर शरद कुमार
March 30, 2025 at 5:58 pm
सन्तोष जी आप ग़ाज़ीपुर जनपद के आन बान और शान हैं साथ ही विद्यार्थियो के लिए प्रेरणा स्रोत भी हैं। अति व्यस्तता के बावजूद आपने अपने गृह जनपद में आकर हम सब का मान बढ़ाया हैं। आपके आत्म विश्वास और लगन नें जनपद के युवाओं का हौसला बढ़ाया हैं। आशा करते हैं की आप देश में रहे या विदेश में, ग़ाज़ीपुर के विकास के बारे में जरुर सोचते रहेंगे।
प्रोफेसर शरद कुमार
पूर्व प्राचार्य
हिन्दू पी जी कॉलेज, जमनियां, ग़ाज़ीपुर
M 8303275013