
रायपुर। रायपुर के मीडिया जगत में अपनी सधी हुई लेखनी, गहन अध्ययन और इंटरनेट पर प्रभावी उपस्थिति के लिए पहचान रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार संजीत त्रिपाठी का 49 वर्ष की अल्पायु में निधन एक गहरा आघात है — न केवल उनके परिवार और मित्रों के लिए, बल्कि पूरे पत्रकारिता जगत के लिए।
संजीत त्रिपाठी ने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य किया और पत्रकारिता को मात्र एक पेशा नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम माना। सरल स्वभाव, स्पष्ट दृष्टिकोण और कार्य के प्रति संजीदगी ही उनकी पहचान रही। उन्होंने हाल ही में Asian News जैसे संस्थान में कार्य किया, जहाँ उन्होंने पूरी निष्ठा और गरिमा के साथ अपनी भूमिका निभाई।
हालाँकि, सूत्रों के अनुसार, उन्हें वहां कार्य के दौरान मानसिक दबाव, अनावश्यक हस्तक्षेप और असहयोगी वातावरण का सामना करना पड़ा। कहा जाता है कि इस दबाव का उनके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ा।
Asian News से हटाए जाने के बाद, संस्थान में कुछ ऐसे लोगों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया गया, जिनका न केवल छत्तीसगढ़ से कोई गहरा जुड़ाव नहीं था, बल्कि जिनमें वरिष्ठों के प्रति सम्मान का अभाव भी स्पष्ट था। इन्हीं में से एक महिला एंकर का व्यवहार अक्सर संजीत त्रिपाठी के साथ अपमानजनक रहा। बताया जाता है कि महिला एंकर को संस्थान में न केवल प्रोफेशनल, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी विशेष प्राथमिकता मिली, जिससे उनका व्यवहार और अधिक तेवरमंद / घटिया हो गया।
इसके अतिरिक्त, आउटपुट हेड के साथ भी संजीत त्रिपाठी के संबंध सहज नहीं रहे। इन सब परिस्थितियों ने मिलकर संजीत जी को कार्यस्थल पर लगातार मानसिक तनाव में रखा।
इन सब घटनाओं के बीच यह एक चिंताजनक प्रश्न बनकर सामने आता है कि क्या कार्यस्थल पर व्याप्त दुर्भावनाओं, अनदेखे दबावों और संवेदनहीनता ने एक संवेदनशील पत्रकार को समय से पहले हमसे छीन लिया?
संजीत त्रिपाठी के निधन के साथ ही पत्रकारिता जगत ने एक सच्ची, निर्भीक और ईमानदार आवाज़ को खो दिया है। यह क्षति केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरी पत्रकार बिरादरी के लिए आत्मचिंतन का विषय है।
श्रद्धांजलि।
आप हमेशा अपनी कलम और विचारों के ज़रिए हमारे बीच जीवित रहेंगे।



