धार (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के धार जिले में पत्रकारों के साथ कथित अभद्रता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की मौजूदगी में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान उनके सोशल मीडिया प्रभारी लक्ष्मी ने पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार किया।
यह घटना 23 जनवरी, बसंत पंचमी के अवसर पर भोजशाला–कमाल मौलाना मस्जिद से जुड़े विषय पर सवाल पूछे जाने के प्रयास के दौरान हुई। संबंधित प्रेस वार्ता विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन गारंटी योजना (वीबी-जीरामजी) को लेकर धार के एक निजी होटल में आयोजित की गई थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार्यक्रम की शुरुआत से ही सोशल मीडिया प्रभारी द्वारा पत्रकारों के बैठने की व्यवस्था और कुर्सियों को लेकर अनावश्यक बहस शुरू कर दी गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
NDTV एमपी-सीजी की वेबसाइट में प्रकाशित खबर के अनुसार, वार्ता के अंत में जब पत्रकारों ने कांग्रेस की न्याय यात्रा और बसंत पंचमी से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने की कोशिश की, तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बिना कोई प्रतिक्रिया दिए मंच छोड़कर चले गए। इसके बाद आरोप है कि मौके पर मौजूद सोशल मीडिया प्रभारी और कुछ सुरक्षा कर्मियों ने पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की की और अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
घटना के बाद मौके पर मौजूद पत्रकारों में रोष देखा गया। पत्रकारों का कहना है कि सवाल पूछना उनका संवैधानिक और पेशेवर अधिकार है और प्रेस वार्ताओं में सवाल-जवाब की प्रक्रिया लोकतंत्र और पत्रकारिता की गरिमा के लिए आवश्यक होती है। उनका आरोप है कि इस तरह का व्यवहार न केवल अपमानजनक है, बल्कि मीडिया की स्वतंत्रता के मूल सिद्धांतों के भी खिलाफ है।
मामले को लेकर धार जिले के कई पत्रकार संगठनों ने इसे मीडिया की आज़ादी पर हमला करार दिया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे भविष्य में ऐसी प्रेस वार्ताओं का बहिष्कार करेंगे, विशेषकर उन कार्यक्रमों का जिनमें नेताओं के सोशल मीडिया हैंडलर सक्रिय भूमिका में हों।
फिलहाल, इस पूरे प्रकरण पर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय या उनके किसी आधिकारिक प्रतिनिधि की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं प्रशासन भी इस मामले पर चुप्पी साधे हुए है।



