Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तराखंड

घोटाला खोलने पर बिरादरीवाद की बलि चढ़ा दिया गया हरिद्वार का ये पत्रकार!

हरिद्वार – हिंदुस्तान अख़बार के हरिद्वार कार्यालय में कार्यरत पत्रकार कुणाल दरगन को नगर निगम भूमि खरीद घोटाले की रिपोर्टिंग करना उस समय महंगा पड़ गया, जब घोटाले में फंसे एक निलंबित अधिकारी ने उनकी शिकायत कर दी। अधिकारी की बिरादरी का प्रभाव ऐसा चला कि बिना किसी ठोस सबूत के पत्रकार को संस्थान छोड़ने पर मजबूर कर दिया गया।

कुणाल लगातार उस अधिकारी की कारगुजारियों को उजागर कर रहे थे। जब दबाव डालने के प्रयास विफल हुए, तब अधिकारी ने दिल्ली स्थित एक वरिष्ठ पदाधिकारी से संपर्क कर उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाया। जांच में आरोप निराधार निकला, फिर भी पत्रकार को हटाने का तरीका खोजा गया। आरोप लगाया गया कि कुणाल एक पोर्टल चला रहे हैं – जबकि वे एक स्टिंगर थे और संस्थान को पूर्व में शपथपत्र देकर यह स्पष्ट कर चुके थे कि वे केवल शौकिया काम करते हैं।

इसके बाद उन्हें ‘छुट्टी पर जाने’ की सलाह दी गई, लेकिन आत्मसम्मान से समझौता न करते हुए कुणाल ने स्वयं ही कार्य से विराम ले लिया और ग्रुप छोड़ दिया। बताया जा रहा है कि उक्त अधिकारी ने वरिष्ठ संपादक को बिरादरी का हवाला दिया, जिसके चलते कुणाल को बलि का बकरा बना दिया गया।

दुखद बात यह रही कि हरिद्वार कार्यालय के संपादक गिरीश गुरुरानी ने भी पत्रकार के पक्ष में खड़े होने का साहस नहीं दिखाया और दिल्ली से आए गलत आदेश पर चुपचाप सहमति जता दी।

कुणाल ने हटने के बाद भी हार नहीं मानी और घोटाले की परतें उधेड़ते रहे। उनके खुलासों के चलते अब तक दो IAS, एक PCS और कई अन्य अधिकारी निलंबित हो चुके हैं, और विजिलेंस जांच जारी है।

यह घटना साफ दर्शाती है कि ईमानदारी से काम करने वाले एक पत्रकार को केवल बिरादरीवाद के चलते हटा दिया गया, और संस्थान के भीतर बैठे जिम्मेदार लोग भी अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने का साहस नहीं कर पाए।

हरिद्वार से एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन