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उत्तर प्रदेश

दारू माफिया के ख़िलाफ़ खबर क्यों नहीं छाप रहे ये अख़बार!

बदायूं। खबर बदायूं जिले से हैं, जहां के तीनों प्रमुख अखबार अमर उजाला (Amar Ujala), हिंदुस्तान (Hindustan) और दैनिक जागरण (Dainik Jagran) इस समय एक शराब माफिया का अहसान चुकाने में लगे हैं। एक शराब की दुकान की सेल्समैन के कत्ल में नामजद इस शराब माफिया के खिलाफ बस घटना वाले दिन और उसके बाद एक बार और खबर छपी। इसके बाद तीनों अखबारों ने उसके खिलाफ खबर छापनी बंद कर दी।

बंद करें भी क्यों न, तीनों अखबारों के रिपोर्टर इस शराब माफिया से आए दिन शराब की बोतलें जो लेते हैं। होली पर तो पेटी की पेटी ये रिपोर्टर पी जाते है। खबर यहां तक है कि दैनिक जागरण, अमर उजाला और हिन्दुस्तान अखबार के ब्यूरो चीफों को इस खबर को न छापने के लिए मैनेज किया गया। अमृत विचार (Amrit Vichar) ब्यूरोचीफ को भी मैनेज किया गया है। केवल इतना ही नहीं पोर्टलों (News Portals) को भी खबर न चलाने के उनकी औकात के हिसाब से दक्षिणा दी गई है।

सेल्समैन के परिजन खुलकर वीडियो में एक स्कूल के मालिक और शराब माफिया ज्योति बाबू और उसके मैनेजर पंकज खुराना का नाम ले रहे हैं लेकिन अखबार वाले चुप हैं। परिजन का साफ कहना है कि 10 लाख रुपये देकर सेल्समैन की हत्या कराई गई है क्योंकि वह 75 रुपये का क्वाटर बेच रहा था जबकि ज्योति बाबू 85 का बिकवाता है।

ज्योति बाबू नामजदगी वाले दिन से ही फरार है और गिरफ्तारी से बचने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रहा है। सबूत के लिए एफआइआर (FIR) की कापी और मृतक सेल्समैन के भाई का वीडियो संलग्न है।

यूपी के बदायूं से भड़ास को भेजे गए मेल पर आधारित

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