महाघोटालेबाज माहेश्वरी की मुश्किलें बढीं, पीएमओ ने कसा शिकंजा

नई दिल्ली : एन.बी. प्लांटेशन के नाम पर जनता के हजारों करोडों रुपए डकारने वाले घोटालेबाज पूर्व सांसद प्रफुल्ल कुमार माहेश्वरी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. बैंक से धोखाधडी तथा अन्य कई भ्रष्टाचार के मामलों में लिप्त रहे माहेश्वरी के एनबी प्लांटेशन घोटाले को जांच के लिए पीएमओ ने सेबी को कार्रवाई का निर्देश दिया है. वही इनसे जुड़े अन्य घोटालों का जिम्मा डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल (dop) ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव को सौंपा हैl इस बीच यूएनबचाओ अभियान से जुड़े पत्रकारों, गैर-पत्रकारों, साहित्यकारों, लेखकों, ट्रेड यूनियनों, सामाजिक संगठनों एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं बुद्धिजीवियों ने प्रफुल्ल की गिरफ्तारी की माँग को लेकर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। श्री महेश्वरी आयकर एवं ई-डी के भी रडार पर हैंl

यू.एन.आई. बचाओ अभियान के संयोजक डा० आरके रमण की अध्यक्षता में हुई बैठक में आंदोलन तीव्र करने का निर्णय लिया गया हैl बैठक में डा० रमण ने इनके खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी दीl श्री महेश्वरी यूएनआई निदेशक मंडल में शामिल हैंl यूएनआई मुख्यालय एवं आईएनएस बिल्डिंग पर 25 फरवरी 2013, कांग्रेस की अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गाँधी के आवास 10 जनपथ पर दो मार्च 2014 तथा संसद के समक्ष जंतर-मंतर पर दो दिसंबर 2014 को हुए जोरदार धरना प्रदर्शन के दौरान श्री महेश्वरी के कारनामों का खुलासा देश के सामने आया थाl प्रदर्शनकारी समाचार एजेंसी यू.एन.आई. पर श्री विश्वास त्रिपाठी के अवैध कब्जे को लेकर काफ़ी उत्तेजित थे.

डा0 रमण ने कहा कि यू एन आई आज पूर्व चेयरमेन प्रफुल्ल माहेश्वरी के कारण माफियाओ के चंगुल में है. इस संस्थान में कार्यरत पत्रकार एवं गैर पत्रकार 23-24 महीने के वेतन आदि का बैकलॉग होने से परेशान हैं. कर्मचारियों के पीएफ़ मद से काटी गयी राशि को जमा नहीं कराये जाने के खिलाफ पीएफ विभाग ने श्री महेश्वरी सहित अन्य निदेशकों पर मामला दर्ज कर रखा हैl वहीं श्रम विभाग की ओर से भी कानून के उल्लंघन को लेकर श्री महेश्वरी सहित प्रबंधन के सात व्यक्तियों पर आदालत में चालान दाखिल किया गया हैl एन.बी.प्लांटेशन के नाम पर जनता के हजारों करोड रुपए के घोटालेबाज और बैंक से धोखाधडी तथा अन्य कई भ्रष्टाचार के मामलों में लिप्त रहे प्रफुल्ल महेश्वरी के खिलाफ पीएमओ के ताजा आदेश से माना जा रहा है कि एक न एक दिन इस धोखेबाज का अंत होगा.

  • भड़ास की पत्रकारिता को जिंदा रखने के लिए आपसे सहयोग अपेक्षित है- SUPPORT

 

 

  • भड़ास तक खबरें-सूचनाएं इस मेल के जरिए पहुंचाएं- bhadas4media@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *