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मीडिया हाउसों ने अमित शाह की 300 गुना संपत्ति बढ़ने वाली खबर डिलीट कर दी! (देखें मेल)

Sheetal P Singh : मीडिया दंडवत नहीं बल्कि “डागी” में बदल गया है. जी न्यूज़ चलाने वाले मैनेजमेंट को बाकायदा निर्देश मिले, जिसका उन्होंने बाकायदा पालन किया. बाद में सारे मीडिया ने किया.  निर्देश था कि काली दाढ़ी उर्फ़ अमित शाह की ३०० गुना संपत्ति वृद्धि की खबर तत्काल हर जगह (पोर्टल / टीवी आदि ) से हटा ली जाय.

Sheetal P Singh : मीडिया दंडवत नहीं बल्कि “डागी” में बदल गया है. जी न्यूज़ चलाने वाले मैनेजमेंट को बाकायदा निर्देश मिले, जिसका उन्होंने बाकायदा पालन किया. बाद में सारे मीडिया ने किया.  निर्देश था कि काली दाढ़ी उर्फ़ अमित शाह की ३०० गुना संपत्ति वृद्धि की खबर तत्काल हर जगह (पोर्टल / टीवी आदि ) से हटा ली जाय.

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Priyabhanshu Ranjan : 5 साल में अमित शाह की संपत्ति में 300 फीसदी बढ़ोत्तरी की खबर Navbharat Times Online ने हटा क्यों दी है? कोई दबाव था क्या? दरअसल एक मेल आता है और अमित शाह की संपत्ति में 300% इजाफे की खबर गायब कर दी जाती है। मेरे मीडिया हाउस में ऐसा कोई मेल नहीं आया। मुझे किसी और मीडिया हाउस के पत्रकार ने सबूत के तौर पर वो मेल दिखाया है। उस मेल में साफ तौर पर लिखा गया है कि अमित शाह वाली खबर नहीं चलानी है। अगर खबर चला दी गई है तो उसे हटाया जाए। टाइम्स ऑफ इंडिया, नवभारत टाइम्स, आउटलुक, दैनिक भास्कर, ZEE etc. etc. सबने अमित शाह की संपत्ति में तीन गुना उछाल वाली खबर हटा ली। सीधा कहें तो लगभग सारे न्यूज पोर्टल ने खबर हटा ली है। चैनल वालों ने दिखाया ही नहीं तो हटाने की बात कौन करे? अब भी कोई बोलेगा कि भारत में EMERGENCY जैसे हालात नहीं हैं?

Dilip Khan : कल ज़ी न्यूज़ ने ऑनलाइन डेस्क को मेल किया कि अमित शाह वाली ख़बर मत लगाइए और अगर लगा दी है तो तत्काल हटा दीजिए। मेरे पास वो मेल है। हम जानना चाहते हैं कि ज़ी न्यूज़ को किसने ख़बर हटाने को कहा? जब ख़ुद अमित शाह अपनी संपत्ति का ब्यौरा दे रहे हैं तो आपत्ति क्या है? ख़बर हटाने से अब हम लोगों को लग रहा है कि अनैतिक तरीके से अमित शाह ने पैसे कमाए। इस तरह अमित शाह की बदनामी कर दी मीडिया वालों ने। मीडिया को अमित शाह की संपत्ति वाली ख़बर नहीं हटानी चाहिए थी। कोई भ्रष्टाचार से थोड़ी उन्होंने पैसे बनाए हैं! ईमानदार पार्टी के अध्यक्ष हैं। ख़बर हटाने के बाद लोगों को शक हो रहा है कि उन्होंने ग़लत तरीके से पैसे बनाए हैं। मीडिया ने उनकी छवि ख़राब कर दी। लोगों को लग रहा है कि दबाव में मीडिया ने ख़बर हटाई। इस तरह मीडिया ने ख़ुद की छवि भी ख़राब की और माननीय अमित शाह की भी।

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Nitin Thakur : अमित शाह की संपत्ति वाली खबर इसलिए हटाई गई क्योंकि उनके रसूख को देखते हुए ये छोटा सा आंकड़ा उनको शर्मसार कर रहा था!! अमित शाह ही क्यों.. बीजेपी के सभी मंत्रियों और सांसदों की संपत्ति का आंकड़ा भी निकालकर पेश किया जाना चाहिए। विपक्ष और मीडिया का काम और है ही क्या ? छापकर खबर हटाना तो और भी गलत है। अमितशाह ने अहमदाबाद में संपत्ति के बारे में हलफनामा पेश किया है। कोई भी उस हलफनामे के आधार पर खबर छाप सकता है। जिनके पास ये खबर चलाने के अधिकार हैं उनको अपना फर्ज़ निभाना चाहिए.. कपिल शर्मा और राजनीतिक उठापटक की खबरें बेचने में कौन सी बहादुर पत्रकारिता है? पत्रकारिता के सम्मान बांटने वालों को भी अपने मानक थोड़े सख्त करने की ज़रूरत है।

Sanjaya Kumar Singh : अमित शाह की संपत्ति में 300 फीसदी इजाफे वाली ख़बर मीडिया से गायब! अखबारों और बेवसाइटों ने अमित शाह की संपत्ति में 300 प्रतिशत इजाफे की खबर हटा ही नहीं ली आज के अखबारों में अमित शाह का यह बयान छपा है कि, “देश में लगातार बढ़ रही है भाजपा की ताकत”। पुराने समय में ऐसे दावे करते ही, सवाल पूछे जाते थे। कोई भी पूछ लेता था कि ऐसी खबर आई थी, हटा ली गई आप क्या कहेंगे। उनका जवाब हो सकता था, खबर गलत थी, मैंने शिकायत की थी। इसलिए हट गई होगी। सही स्थिति इस प्रकार है …..। यह भी बकवास होता, पर छपता। पाठक निर्णय करता। मुमकिन है समझ जाता, नहीं भी समझता। पर ईमानदारी के इस जमाने में, अब आपको खबर नहीं दी जाती। पकी-पकाई राय दी जाती है। भाजपा लगातार मजबूत हो रही है – बंगारू लक्ष्मण वाली भाजपा की तरह नहीं अमित शाह की भाजपा की तरह, (जो तड़ी पार रह चुके हैं)।

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Sarvapriya Sangwan : संपत्ति बढ़ने की खबर तक दबा दी गयी तो भ्रष्टाचार की ख़बर कौन दिखायेगा। ये सरकार बहुत ईमानदार है भाई।

अंकित द्विवेदी : अमित शाह की सम्पत्ति वाली ख़बर को 24 घण्टे से ऊपर हो गए लेकिन अब तक इस पर विपक्ष के किसी नेता की कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई? फिर 10 हज़ार कमाने वाले पत्रकार अपनी नौकरी दांव पर क्यों लगाए? जब सब नरेंदर से डरते है तो एक ख़बर की वजह से कोई अपनी रोजी – रोटी क्यों गंवाए? इन सब के लिए मीडिया को गरियाने वाले तेलचट्टो जरा अपने नेताओं से पूछो की उनकी कौन सी फ़ाइल अमित शाह की टेबल पर है,जो वो चुप है? मीडिया में जो बहादुर लोग थे,उन्होंने ख़बर बनाई। जो नरेंदर से डरते है,उन्होंने ख़बर हटा दी। इसके साथ ही मीडिया का काम भी खत्म हो गया। अब जो भी करना है विपक्ष को करना है। तभी कोई पत्रकार इस ख़बर पर काम करने का अधिकार भी रखता है।

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सौजन्य : फेसबुक

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