अजीत सिंह-
विनोद कांबली के पास प्यार पहुंचा!
…. आशीष बादल, बनारस का लाल पेड़ा भगवान विश्वनाथ के प्रसाद के रूप में लेकर पहुंचे कांबली जी के घर, साथ में मुंबई के देवदूत विनोद सिंह भी अपनी कंपनी का खाने पीने की चीज लेकर।
उधर शैलेश ठाकुर के हॉस्पिटल में कांबली सर का मेक ओवर भी किया जा रहा है, उनकी दाढ़ी बनाने वाला आया वो भी खुश की कांबली जी की बना रहा।
बादल जब पहुंचे तो कांबली जी की पत्नी से बात कराए वो बेहद खुश थीं, उसके बाद भी काल करके हमे धन्यवाद दे रही थी बोली..
…. अजित जी पहले मिल गई होती वानर सेना और उसका यह प्यार तो हम लोग इतना न टूटते, जो आ रहा लगता है अपने घर का है।


उधर हम लोग वीडियो काल पे कांबली जी से बात किए हमे बुला रहे हैं, बोलो आओ अजित नहीं तो मैं लखनऊ आ जाऊंगा, बोले यहां के सब डॉक्टर मेरे दोस्त हो गए हैं।
मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।
फिर बादल और विनोद भाई हॉस्पिटल भी गए उनसे मिलने, सबसे मिलकर बहुत खुश, वानर सेना जिंदाबाद बोल रहे।
अभी सुधीर सिंह जी से बात हुई अपनी पूरी टीम के साथ जाएंगे ।
प्यार पाकर पूरा परिवार खुश, उसी की सबसे बड़ी कमी थी।


पूर्व सांसद धनंजय सिंह का बहुत बहुत धन्यवाद। मदद विनोद कांबली अभियान को पर्दे के पीछे से संभाल रहे थे, अब खुल के साथ आ गए हैं, विनोद कांबली जी की पत्नी से बात भी किए, उन्हें आश्वासन दिया है साथ देने का, शीघ्र ही कांबली जी से मिलने मुंबई भी जाएंगे। धनंजय सिंह का संदेश पढ़िए-
नेक कार्य! देश के मशहूर खिलाड़ी विनोद कांबली जी के संपूर्ण इलाज को निःशुल्क रूप से आपने अपने हॉस्पिटल में कराने की पहल की है, जिसकी मैं सराहना करता हूं। वहीं साथ में अजीत सिंह के देवदूत, वानर सेना समेत तमाम सामाजिक संगठनों का भी आभार जिन्होंने इस मुहिम को आगे बढ़ाया । विनोद कांबली जी के स्वास्थ्य स्थिति को जानने जल्द ही हम लोग मुम्बईं आएंगे।
विनोद कांबली जी के लिए जैकी श्रॉफ जी से हुई बात, मदद मे आएंगे साथ। जैकी दादा जिंदाबाद।
…. मदद कांबली का सुनकर जग्गू दादा हुए खुश बोले वानर सेना जिंदाबाद।
फिल्मी दुनिया का यह सितारा, जमीन से उठकर आसमान तक पहुंचा है लेकिन आज भी जमीन को नहीं भूला है, अपने बात चीत, अपने लहजे से अपने पन का अहसास करा देता है, अपने लोगो के दिल में जगह बना जाता है। जैकी श्रॉफ फिल्मी दुनियां के वो सितारे माने जाते हैं जो अपनी पिछली जिंदगी को साथ लेकर जीता है।
मिसेज कांबली का आज मैसेज आया की जैकी श्रॉफ दादा मेरे परिवार के साथ बने रहते हैं, हमेशा हाल चाल लेते हैं, हमने कहा उन्हें बता दीजिए मै बात करूंगा, उन्होंने उनका नम्बर भेज दिया, और फिर मैसेज आया कि अजित सर आपके बारे में जैकी दादा को बता दिया है, वानर सेना के बारे में। वो आपसे बात करना चाहते हैं, उनका PA आपको फोन करेगा।
हमने संकोच के साथ और कुछ सहमते हुए फोन किया, फोन तुरंत उठ गया..
… नमस्कार जैकी श्रॉफ बोल रहा हूं।
…. नमस्कार सर अजित सिंह बोल रहा हूं वानर सेना वाला।
…. हाहा भीड़ू सुना वीडियो, बहुत अच्छा काम करती है वानर सेना।
फिर हमने अपना परिचय और थोड़ा काम बताया सुनके बोले..
…. अजित भीड़ू बहुत अच्छा काम किएला , कांबली के साथ हम भी है, इतना अच्छा काम दिमाग में कैसे आया और जो वानर सेना कर रही है।
…. बस दादा अपने आप हो गया कोरोना के समय।
…. भगवान साथ है आपके भीड़ू भगवान, तुम लोग वो कर रहा जो कोई नही करता।
… बस दादा साथ चाहिए आपका।
बिल्कुल मै भी वीडियो बनाएगा भीड़ू और तेरे ही तरह बोलेगा कि वानर सेना बहुत अच्छा काम कर रही पूरे देश को कांबली का साथ देना चाहिए वानर सेना की तरह।
… वाह दादा मजा आ जाएगा।
…. भीड़ू मुंबई आ जा, साथ बैठेगा अपुन लोग, बाते होंगी।
…. अरे दादा कहां आप कहा हम लोग, मिल कैसे पाएंगे।
…. अरे नही यार तू अपना भाई की तरह है, काम देखा, पेपर देखा, मजा आयेगा मिलकर।
… जी दादा, मुझे भी बात करके आपसे बहुत अच्छा लगा।
मुझे भी भीड़ू मजा आया, अम्मा बाबू सबको मेरा नमस्कार बोलना, बच्चों को आशीर्वाद, बोलना जैकी दादा ने सबको प्यार भेजा है।
आप लोग सच में समाज के हीरो हो।
इतना सुन के मजा आ गया, बच्चे भी सुनकर हंस रहे थे, बेटा बोला..
…. अब जैकी दादा बोलेगा, पैसे की झाड़ लगा दूंगा भीड़ू झाड़, कांबली अपुन का बच्चा है.
जिंदाबाद सितारे भी आयेंगे अब इस चमक खो चुके सितारे के पास।
आना भी चाहिए समय की करवट को देखने.
…. जिंदाबाद जैकी दादा इतना जोश भरने के लिए।
…. सदस्य विधान परिषद गुड्डू जमाली जी ने विनोद कांबली की मदद मे दिया पच्चास हजार…
इन दो नाम की तुलना कीजिए, विनोद कांबली जी जो बड़े सितारे थे आज गर्दिश में हैं, गर्दिश इतना की आज घर का मेंटिनेंस नहीं दे पा रहे सोसायटी ने आठ लाख का ब्याज लगा दिया है।
दूसरी तरफ है गुड्डू जमाली साहब, राजनेता, बहुत बड़े बिजनेस मैन और उन सब से बड़े समाजसेवी, मानवता और मदद इस देवदूत में कूट कूट के भरी है, इनकी बात इनके विचार मानवीय संवेदना से भरे होते हैं, ये बोलते भी हैं कि मैं नेता बाई डिफॉल्ट बना हूं, मेरा अंदर से मन मदद वाला ही है।
गुड्डू जमाली सर वानर सेना के विचार से प्रभावित हैं, जब इनके पास संदेश गया तब इन्होंने मदद की।
हम लोगो के साथी औरंगजेब भाई ने इतने बड़े देवदूत को हम लोगो को जोड़ा ये हम लोगो का सौभाग्य है।
कल जमाली साहब ने विनोद कांबली जी का खाता नंबर मांगा और कहा कि अजित भाई जब इतने बड़े सितारे के सितारे इस तरह बदल गए तो क्या कहा जाय, हम लोग उनके साथ हैं, आपकी यह आवाज हो सकता है कांबली जी के जीवन में कुछ रंग भरे।
मजाक भी किए की कभी हम लोग भी बीमार पड़ेंगे या कुछ होगा तो आप आवाज देना, हमने कहा अरे सर भगवान आपको इसी तरह ताकत और भाव देता रहे मदद का आप जिंदाबाद रहे, कभी इस तरह की बात ही न आए अभी आपको हजारों लोगों की मदद करनी है।
जिन्दाबाद जमाली साहब, आपकी मिठास ऐसे ही बनी रहे, आपसे बात करके कभी लगता ही नहीं कि आप इतने बड़े नेता हैं और इतने बड़े बिजनेस मैन भी, आपकी सरलता सबको प्रभावित करती है।
जमाली सर ने लिखने से मना किया था लेकिन उन्हें ये भी पता था मै मानूंगा नहीं
कांबली जी के लिए आपका इस तरह आकर खड़ा होना सर एक परिवार को संबल देगा, कांबली जी अकेले नहीं सबके ऊपर इस समय दबाव है, आपकी जय हो, वानर सेना आपकी आभारी है.

विनोद कांबली जी की मदद मे एक लाख वाला देवदूत
….. रायबेरली के बड़े बिजनेस मैन और बड़े दिल के आदमी बृजेश सिंह की मदद ने मिसेज कांबली के आंखों में ला दिए आंसू।
….. अजित सर ये एक लाख रुपए आए हैं मुझे पहले लगा दस हजार हैं…
मेरे वाट्स अप पे ये मैसेज मिसेज विनोद कांबली जी था, देखते ही मैं जान गया कि देवदूत फिर उतर आया है ।
जी हां इसी तरह एक अभियान था इलाहाबाद विश्विद्यालय के पूर्व अध्यक्ष इंदु सिंह का तब अचानक से रायबरेली के ये अनजान देवदूत आए और दो लाख देकर चले गए थे, तब मैं भी जीरो नहीं गिन पाया था बीस हज़ार समझा था।
आज देश के एक बड़े सितारे का सितारा गर्दिश में है उसके साथ उसके परिवार और बच्चों का भी।
विनोद कांबली जी आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं, इतना की अपने घर के मेंटिनेंस चार्ज नहीं दे पा रहे और सोसायटी ने आठ लाख का ब्याज लगा दिया है।
मिसेज कांबली हम लोगों के लगातार संपर्क में हैं उन्हें खुद नही विश्वास हो रहा की इस तरह की कोई संस्था भी है जो देवदूतों को पकड़ के लाती है।
अनजान की तरह हम लोग उनके पास पहुंचे फिर देवदूतों ने उनका घर देख लिया।
रायबरेली के बृजेश सिंह और उनका परिवार पूरे प्रदेश और देश में चर्चित परिवार है। बड़े भाई दिनेश सिंह जी उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं, एक भाई रायबरेली के जिला पंचायत अध्यक्ष है, एक लोग पूर्व विधायक और खुद बृजेश सिंह जी बहुत बड़े बिजनेस मैन।
इतने बड़े परिवार और इतनी संपन्नता के बाद भी बृजेश भाई साहब का व्यवहार अत्यंत सरल है, मिशन इंदु सिंह में मिलने के बाद जब जब बात करते हैं तो मन खुश हो जाता है, जब हमे भइया भइया बोलते हैं तो मुझे भी घमंड आने लगता है
जिंदाबाद बृजेश सिंह जी, आपने सिर्फ कांबली जी की मदद नहीं की एक हताश परिवार, उसके बच्चों के लिए संवेदना जगा दी है, उस परिवार को आपने भगवान होने का एहसास दिलाया है जो भगवान के रूठने का एहसास कर रहा है।
इतने बड़े सितारे की पत्नी बच्चे इस तरह के दौर की कल्पना नहीं किए होंगे कि जिस सितारे को देखने के लिए स्टेडियम भर जाता होगा वो अपने घर में दुबक के बैठ गया होगा कि लोग पकड़ लेंगे और एक दबाव पड़ने लगेगा।
मिसेज कांबली अपनी भावना नहीं व्यक्त कर पा रही हैं, उन्होंने और कांबली जी ने बृजेश भाई साहब से बात करके धन्यवाद दिया, दोनो लोग उनसे बात नहीं कर पा रहे थे, उन्हें लग रहा कहा कहां से आ गए देवदूत।
मिसेज कांबली पूछ रही हैं कि अजित सर ये देवदूत नाम आया कहा से, सब बोलते हैं आप तो दिखाते हैं।
तो आप भी दीजिए इस देवदूत को धन्यवाद, आगे भी लग गए हैं ये अभियान में और अपने दो दोस्तों से भी ग्यारह ग्यारह हजार की मदद कराई है उसका करिए इंतजार।
कांबली के साथ क्यों?
…. देवदूत वानर सेना ने मदद विनोद कांबली के लिए अपील शुरू की है और बहुत से देवदूतों का सहयोग भी मिल रहा, कुछ आलोचना भी की इतने बड़े आदमी का साथ क्यों? या उनकी दशा पर मदद क्यों?
इसका पहला उत्तर है कि हम लोगो को क्रिकेट से प्यार था, उस दौर में हम लोग भी खेलते थे जिस दौर में सचिन और कांबली, शायद हम लोगो की उम्र इनके आस पास की हो।
गांव के मैदान पर हम लोग ईंट जोड़कर विकेट बनाते और लकड़ी का बैट, चंदा मांग कर एक रुपए दो रुपए, कार्क की गेंद लाई जाती उसी से खेला जाता और गेंद फट जाने पर मन उदास हो जाता, दुख भी होता की पैसा होता तो गेंद आ जाती या बैट।
हम लोग बाद में चंदा लगा के कंपनी का बैट खरीदे उसे कलेजे से लगाया जाता, लेदर की गेंद महंगी होती, बाद में पूर्व सांसद धनंजय सिंह हम लोगो की टीम के कप्तान बने तो वो मंहगा खेल आसान बन गया वो पता नहीं कहा से अच्छा अच्छा सामान लाते।
उस समय हम लोगों के इलाके का हीरो वही होता जो अच्छा खेलता, हम लोगों की टीम में दीनानाथ उर्फ छेदी थे जबरदस्त बैट्समैंन हम लोग उसके खेल से उपजा जो सम्मान है उसकी कदर आज भी करते थे, छेदी हम लोगों को आज भी गाली देते हैं तो लगता है मेरी टीम का हीरो था।
मै खुद अपने गांव के स्तर का अच्छा गेंदबाज था और मौके दर मौके बल्ला भी भांज लेता था, बचपन में मै अपने खेल के कारण जब कक्षा 6 में था तो इंटर की टीम में खेलता था, दस किमी तक के लोग मेरा सम्मान मेरे खेल के कारण करते थे।
सिरसी के मैदान पर मेरे शेरवा टीम जो हार के कगार पर खड़ी थी, सम्मान दांव पर लगा था उस मैच को हम लोगों के कप्तान पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने अपने जज्बे के बल पर जो जिताया उसका कर्ज आज भी हम लोग एक खिलाड़ी के तौर पर महसूस करते हैं।
उस दौर में सचिन और कांबली जैसे खिलाड़ी हम लोगों के हीरो हुआ करते थे, लगता था किस तरह इतने छोटे छोटे लड़के अपनी मेहनत से देश के हीरो बन गए हैं, उनका खेल देखकर हम लोगों के दिल में बसा खिलाड़ी खुश हो जाता था, हम लोग महसूस करते थे कि उसी मैदान पर हम लोग जब खेलते हैं तो असहाय लगते हैं ये दोनों इतना बड़ा बड़ा मैच शेर की तरह खेलते हैं।
उसी शेर की तरह दहाड़ते हीरो को आज हम लोग असहाय देखते हैं तो अच्छा नहीं लगता, मदद का मौका आया तो हम लोग कोशिश कर रहे हैं, ये बात सही हैं कि कांबली जी की ये हालत उनकी गलती से हुई लेकिन उस खिलाड़ी के लिए हम लोगो का प्यार हम लोगो को खींचता है।
सांसद धनंजय सिंह जौनपुर के एक अच्छे खिलाड़ी को जो आगे नहीं गया और मुंबई कमाने चला गया था उसको बाद में टीचर बनवाए, उसके प्रति उनका लगाव था, उन्हें याद था कि अच्छा खिलाड़ी था।
दो खिलाड़ी इसी तरह नशे की लत में आ गए थे विधायक रहते अपने आवास पर छह महीने से अधिक रखकर दवा करवाए।
मदद का दूसरा कारण है इतने बड़े सितारे को इस तरह असहाय देखना।
कांबली जी की मदद सिर्फ मदद नहीं आज के युवाओं के लिए एक सीख भी है, उनकी मदद के साथ बच्चों को ये सीख दी जा रही की देखो इतना बड़ा सितारा अपनी एक चूक से जुगनू भी नहीं रह पाया, यह सीखने की बात है कि सफलता हासिल होना कठिन है उसे बचा के रखना और कठिन।
हमने अपने बेटे को बताया कि ये लड़के जब बीस साल तक न दिन को दिन न रात को रात समझे होंगे तब जाकर टेस्ट में मौका मिला होगा, लेकिन उस ऊंचाई को देखो एक गलती ने खंदक में बदल दिया जिससे निकल नहीं पा रहे हैं।
तो कांबली की मदद खेल के प्रति प्यार और समाज के लिए एक सबक दोनों है।
किसी की मदद करने में, मदद करने वाले आदमी की यह प्रार्थना होती है कि भगवान सामने वाले को इस संकट से दूर करो और किसी अन्य को इस संकट में मत डालना। उसी भावना के साथ कांबली जी की मदद करिए कि भगवान किसी अन्य खिलाड़ी या किसी बड़े सितारे या किसी भी परिवार के लाडले को इन सब से दूर रखें।
आप सभी का आभार जो हम लोगो के प्यार भरे खेल और उस खिलाड़ी का साथ दे रहे जिसके भाग्य के सितारे उसका साथ छोड़ चुके हैं। -अजित सिंह




