नई दिल्ली। केंद्र की Bharatiya Janata Party सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 में प्रिंट मीडिया के विज्ञापनों पर 119 करोड़ 79 लाख 91 हजार 875 रुपये खर्च किए हैं। यह राशि देश के 1052 अखबारों के बीच बांटी गई। हालांकि आंकड़े बताते हैं कि कुल खर्च की आधे से ज्यादा रकम करीब 63.23 करोड़ रुपये सिर्फ 10 बड़े मीडिया समूहों को मिली।
न्यूज़लॉन्ड्री की रिपोर्ट के अनुसार, यह जानकारी Dr. L. Murugan, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के जवाब में दी। यह सवाल Rachna Banerjee (तृणमूल कांग्रेस सांसद) ने पूछा था।
इन मीडिया समूहों को मिला सबसे ज्यादा विज्ञापन
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार प्रिंट विज्ञापनों में सबसे ज्यादा राशि कुछ बड़े मीडिया हाउस को मिली। इनमें:
- Hindustan Times Group – 13.56 करोड़ रुपये
- The Times of India Group – 11.16 करोड़ रुपये
- Dainik Jagran – 9.63 करोड़ रुपये
- Dainik Bhaskar – 8.29 करोड़ रुपये
- Amar Ujala – 4.93 करोड़ रुपये
- Rajasthan Patrika – 4.79 करोड़ रुपये
- Deccan Chronicle – 3.33 करोड़ रुपये
- Nav Bharat – 3.21 करोड़ रुपये
- Punjab Kesari – 2.35 करोड़ रुपये
- Sakal – 1.98 करोड़ रुपये
- इसके अलावा The Indian Express Group को भी करीब 1.75 करोड़ रुपये के विज्ञापन मिले।
इंफ्लुएंसर खर्च पर नहीं मिला स्पष्ट जवाब
सांसद रचना बनर्जी ने सरकार से तीन सवाल पूछे थे। उन्होंने पिछले पांच वर्षों में अखबारों और टीवी चैनलों को दिए गए विज्ञापन खर्च, इंफ्लुएंसर एजेंसियों को दी गई राशि और इंफ्लुएंसर्स को किए गए भुगतान का विवरण मांगा था।
मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने अपने जवाब में कहा कि विज्ञापनों पर खर्च का वर्षवार और समूहवार विवरण Central Bureau of Communication (CBC) की वेबसाइट पर उपलब्ध है। लेकिन इंफ्लुएंसर्स को किए गए भुगतान के बारे में उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
दरअसल Directorate of Advertising and Visual Publicity (DAVP) से जुड़ी वेबसाइट पर जो दस्तावेज उपलब्ध हैं, उनमें केवल 2024-25 के प्रिंट विज्ञापन खर्च और 2020-21 के टीवी विज्ञापन खर्च की जानकारी ही दिखती है। ऐसे में सांसद के सवालों का पूरा जवाब सामने नहीं आया है।
पांच साल में 2446 करोड़ से ज्यादा विज्ञापन खर्च
इससे पहले दिसंबर 2025 में कांग्रेस सांसद Shafi Parambil के सवाल के जवाब में सरकार ने बताया था कि वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच केंद्र सरकार ने कुल 2446.90 करोड़ रुपये विज्ञापनों पर खर्च किए।
इन पांच वर्षों में खर्च का ब्योरा इस प्रकार है:
- 2020-21: 409.55 करोड़ रुपये
- 2021-22: 317.48 करोड़ रुपये
- 2022-23: 408.37 करोड़ रुपये
- 2023-24: 656.6 करोड़ रुपये
- 2024-25: 654.9 करोड़ रुपये
माध्यम के हिसाब से देखें तो इस अवधि में ऑडियो-वीडियो विज्ञापनों पर 985.44 करोड़, प्रिंट पर 930.24 करोड़, आउटडोर विज्ञापनों पर 392.51 करोड़ और डिजिटल/न्यू मीडिया पर 138.71 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
इस तरह पिछले पांच वर्षों में केंद्र सरकार का औसतन करीब 1.34 करोड़ रुपये प्रतिदिन विज्ञापन पर खर्च हुआ है।
हालांकि इंफ्लुएंसर भुगतान और विज्ञापन आवंटन से जुड़े कुछ सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। इस मामले में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को सवाल भेजे गए हैं, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनका जवाब नहीं मिला था।



