सुभाष सिंह सुमन-
फन की बात:- लोग बिना बात के भी मोदीजी को बदनाम करते रहते हैं। सोरोस की फंडिंग और सीआईए-आईएसआई के इशारे पर कुछ लोग नयी-नयी साजिशें रचते रहते हैं। अभी मैं देख रहा हूँ 2-3 दिनों से एक आर्टिकल वायरल किया जा रहा है। उसमें बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अभी जब कच्चा तेल 120 डॉलर से कम होकर 90 डॉलर पर आ गया है, तो कई देशों में डीजल-पेट्रोल के भाव कम किये गये हैं, लेकिन भारत में कोई कटौती नहीं की गयी है। यह सच है कि अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के कई देशों में, यहाँ तक कि पड़ोसी चीन ने भी पिछले 3-4 दिन में डीजल-पेट्रोल के भाव कम किये हैं। लेकिन यह भी सच है कि भारत सरकार ने भी कटौती की है। भले ही कटौती एक्साइज ड्यूटी की जगह एक्सपोर्ट ड्यूटी में हुई हो, लेकिन कटौती तो हुई है।
एक दिन पहले का अपडेट है। सरकार का बयान है दरअसल। सरकार ने डीजल, पेट्रोल और एटीएफ के निर्यात पर शुल्क कम कर दिया है। शुल्क में कटौती का फायदा 1 जून से मिलने लगेगा। 15 जून तक संशोधित शुल्क लगेगा। उसके बाद अगले 15 दिनों के लिए दरें तय होंगी। इससे भारत सरकार के राजस्व यानी कमाई पर असर पड़ेगा। यह मोदी सरकार का त्याग नहीं तो और क्या है?
अब देशद्रोही लोग सवाल पूछ सकते हैं कि इससे आम लोगों को क्या लाभ मिलेगा? आम लोगों को तो तब फायदा होता, जब एक्साइज ड्यूटी कम की जाती। इससे तो एक खास प्राइवेट कंपनी को फायदा होगा। यह बात भी सत्य है, लेकिन मैं कहना चाहता हूँ- वहाँ फौजी सीमा पर खड़े होने के साथ अब परीक्षा-केंद्रों के भी बाहर खड़े हो गये हैं, तुम देशद्रोहियों से कुछ दिन चुप भी नहीं रहा जाता! इतना भी क्या स्वार्थी होना कि चंद रुपयों के लाभ के लोभ में मोदीजी जैसे संत पर सवाल उठाने लग जायें!
जरा सोच का दायरा बढ़ाकर सोचिये। भारत से सबसे ज्यादा पेट्रोल-डीजल का निर्यात कौन करता है? ऑफकोर्स अंबानीजी। अभी फोर्ब्स की रियलटाइम बिलेनियर्स लिस्ट में अंबानीजी 22वें पायदान पर हैं। अडानीजी 24वें पर। भारत का कोई व्यक्ति 100 बिलियन डॉलर दौलत वाला नहीं है। कितनी शर्म की बात है! मोदीजी जानते हैं कि यह राष्ट्रीय शर्म की बात है।
12 साल से हर रोज 18-18 घंटे काम करने के बाद भी अंबानी-अडानी की नेटवर्थ 100-100 बिलियन डॉलर से नीचे ही रह जा रही है, यह मोदीजी के लिए व्यक्तिगत शर्म की भी बात है। अब डीजल-पेट्रोल पर निर्यात में शुल्क कम किये हैं, इससे अंबानीजी को सबसे अधिक लाभ होगा। अधिक लाभ होगा तो रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर ऊपर चढ़ेगा। जब रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर ऊपर चढ़ेगा, अंबानीजी की नेटवर्थ बढ़ेगी। मोदीजी पहले भी इस उद्देश्य पर कम त्याग नहीं किये हैं। रूसी तेल को लेकर 25% अमेरिकी टैरिफ झेला देश ने। क्यों? क्योंकि उस रूसी तेल से डीजल-पेट्राल निकालकर और उसे निर्यात कर अंबानीजी की कंपनी ने कमाये लगभग 7,000 करोड़ रुपये।
कितने तो गर्व की बात है! वास्तव में यह एक राष्ट्रीय पर्व की बात है। अमृतकाल में भारत का हर नागरिक त्याग की भावना से आगे बढ़े। राष्ट्रहित में बलिदान देने को सदैव तत्पर रहे। चूँकि देश में मूर्खों और देशद्रोहियों की भरमार हो गयी है, आम लोग स्वेच्छा से राष्ट्रीय पर्व में योगदान नहीं दे रहे हैं। इस कारण संत मोदीजी की सरकार ने थोड़ी जबरदस्ती दिखायी है। कच्चा तेल के भाव बढ़ने का बहाना देकर पेट्रोल 7.50 रुपये और डीजल 8.50 रुपये बढ़ा दिये। अब कच्चा तेल होते रहे सस्ता, आम लोग बढ़ा भाव देते रहेंगे। इस तरह राष्ट्रीय पर्व में सबके लिए पुण्य की सुरक्षित व्यवस्था होती रहेगी।
मितरों, यह बात आपको गोदी मीडिया और कांग्रेसी चमचे कभी नहीं जानने देंगे। इसे जंगल में आग की तरह फैला दो। अंकलों के सभी व्हाट्सऐप ग्रुप में शाम तक यह मैसेज पहुँच जाना चाहिए। साथ में सबको मोदी चालीसा भी सुनने के लिए प्रेरित करें।
मर जायेंगे, मिट जायेंगे, हो जायेगा अंत
फिर न मिलेगा भारत को, मोदी जैसा संत!
जै मोदी! जै अंबानी! जै अडानी!
(पोस्ट का पोस्टर बनाया है Sparsh Kabra Arsh भाई ने)



