प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कनाडा द्वारा पहले जी-7 (G7) समिट में बुलाया नहीं गया और अब जब बुलाया गया तो कनाडाई सांसदों ने विरोध किया। इसके अलावा खबरें यह भी हैं कि प्रधानमंत्री को खालिस्तानियों की तरफ से कनाडा में ही निपटा देने की खबरें सामने आ रही हैं।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी को कनाडा में सुलटा देने की खबरें मुख्य रूप से Navbharat Times, ABP Live/ABP News और Naya India जैसे मीडिया हाउसों ने प्रमुखता से प्रकाशित की हैं।
इस प्रकरण पर आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस (एआई) ने क्या बताया? पढ़ें…
यह खबर विश्वसनीय है—“खालिस्तानी” समूह कनाडा‑आधारित सिख फॉर जस्टिस (SFJ) और अन्य समर्थक मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी को G7 शिखर सम्मेलन के दौरान “मार डालने” की धमकी दे रहे हैं। यह धमकी नया प्रपंच नहीं, बल्कि कनाडा में सक्रिय कुछ कट्टर समूहों की बयानबाज़ी है:
क्या कहा जा रहा है?
Navbharat Times की रिपोर्ट में क़हा गया कि SFJ नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू समेत कनाडा स्थित कुछ खालिस्तानी समूहों ने G7 समिट में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आमंत्रण पर गुस्सा जताया, और यात्रा के दौरान उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन व जानलेवा धमकी देने तक की बात कही गई है।

ABP Live और ABP News (भी “जी‑7 में खत्म कर देंगे…” शीर्षक के साथ) बेज़िरगन नामक खोजी पत्रकार के हवाले से वैंकूवर में खालिस्तानी समूह ने पत्रकार से कहा कि “जी‑7 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीति खत्म कर देंगे,” साथ ही कहा गया कि वहाँ “इंदिरा गांधी के हत्यारों” का जश्न मनाया गया।
Naya India ने भी इस खबर को उद्धृत किया कि SFJ के पन्नू ने मोदी को घेराव और विरोध प्रदर्शन की धमकी दी।
यह मीडिया द्वारा फैलाया गया प्रोपगंडा नहीं लगता, बल्कि वास्तविक घटनाओं पर आधारित रिपोर्टिंग है। विशेषकर Navbharat Times, ABP Live और Naya India जैसे प्रतिष्ठित भारतीय मीडिया हाउस्स ने इस खबर को प्रकाशित किया है।
मीडिया क्यों पहले चुप थे, अब खबर क्यों?
पहले PM मोदी को बुलाया नहीं गया था, इसलिए ऐसा कोई विरोध या धमकी प्रकाश में नहीं आई। लेकिन जब G7 में उन्हें आमंत्रित किया गया (जिसकी पुष्टि 7 जून, 2025 को हुई), तब कनाडा‑संबंधित खालिस्तानी समूहों की नाराज़गी और अतिवादी बयान सामने आए, और मीडिया ने उन पर रिपोर्टिंग शुरू की।
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