ईरान से इजराइल और अमेरिका का युद्ध चरम पर है। कई देश लपेटे में हैं, भारत में भी हाहाकार कुछ कम नहीं मचा हुआ है। इस बीच एक पत्रकार जो चर्चा में है उसका नाम है आदित्य राज कौल। बीच युद्ध वन एंड ऑनली टाइप फील कर रहे आदित्य कौल अदाणी टीवी उर्फ एनडीटीवी के सीनियर एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं।
आदित्य राज कौल इस वक्त पूरे तौर पर इजराइल के पक्ष में एनडीटीवी नहीं बल्कि अपने मालिक अदाणी सेठ का हक हकूक बचाने साधने की रिपोर्टिंग कर रहे हैं। इसी के चलते उन्होंने रिपोर्टिंग के दौरान ईरान को आतंकी देश बताकर ट्वीट भी कर डाला।
अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा क्यों? तो ऐसा इसलिए कि अदाणी सेठ का धंधा पानी इजराइल में भी फैला हुआ है। बाकायदा निवेश है इजराइल में अदाणी का। इनपुट है कि आदित्य कौल इस वक्त जंग के मैदान में नहीं बल्कि इजराइल में मौजूद हाइफा बंदरगाह पर सुरक्षित मौजूद हैं। और वहीं से अदाणी या उनके धंधे को लेकर जो अफवाह उड़ रही है उसका खंडन करने की पत्रकारिता चल रही है।
ईरान को आतंकवादी देश बताकर इजराइल के सपोर्ट में बैटिंग करके आदित्य कौल अदाणी के लिए बैटिंग कर रहे हैं। इसे पत्रकारिता नहीं बल्कि सुपारी जर्नलिज्म के शब्द से नवाजा जाता है।
आपको बता दें कि आदित्य राज कौल पत्रकारों के उस दल का हिस्सा थे, जो प्रधानमंत्री की इजराइल यात्रा कवर करने गए थे। जब वॉर शुरू हुई तो कई पत्रकार भारत वापस आ गए। लेकिन आदित्य राज कौल सहित कुछ अन्य पत्रकारों को उनके चैनलों ने वहीं रोक दिया था। युद्ध की कवरेज करने के लिए।
इजराइल का हाइफा पोर्ट जहां मौजूद हैं आदित्य कौल-
इस मामले पर पत्रकार सौमित्र राय लिखते हैं-
भारत के चैनल अदानी टीवी ने कल रात ईरान को आतंकवादी देश बता दिया। लोगों ने एनडीटीवी के इस ट्वीट पर ईरानी विदेश मंत्री आरागची को टैग कर दिया।
मज़े की बात यह कि एक दिन पहले ही भारत का विदेश मंत्री ईरान के आगे झोली फैलाए गिड़गिड़ा रहा था। नरेंद्र मोदी ने ईरान को पटाने के लिए 3 मंत्रियों का ग्रुप बनाया है।
…और गैस के लिए भारत की जनता सड़कों पर है।





Rohit Singh Chauhan
March 13, 2026 at 9:53 pm
यह युद्ध ईरान अमेरिका और इजरायल के साथ लड़ रहा है। इसमें इराक नहीं है आपने अपनी स्टोरी की शुरुआत में ही इराक का जिक्र कर दिया
Uma Shankar
March 14, 2026 at 10:36 am
चौहन जी, इज़रायल/इजरायल नहीं है, “इसराइल” है। साथ में, “अडानी” के बजाए “अदाणी” लिखिए।