- पुलिस की जांच में सभी को मिल जाती है क्लीन चिट
- हिस्ट्रीशीटर पर दर्ज हैं 34 गंभीर आपराधिक मुकदमे, हत्या, बलवा, हत्या के प्रयास समेत 34 गम्भीर मुकदमे दर्ज
- IES के पिता, जिला पंचायत के AMA, पूर्व चेयरमैन, व्यापारी, पत्रकार पर कोर्ट के माध्यम से दर्ज कराए हैं गैंगरेप के मुकदमे
बुलंदशहर। जिला बुलंदशहर में एक हिस्ट्रीशीटर इन दिनों खासा चर्चा में बना हुआ है। कोतवाली जहाँगीराबाद का हिस्ट्रीशीटर (नम्बर 123) नीरज पाठक के खिलाफ कोतवाली बुलंदशहर में एक मुकदमा दर्ज किया गया है। इस पर गंभीर आरोप है कि यह महिलाओं और अपराधियों का संगठित गिरोह चलाता है। इस गिरोह में इसके सक्रिय सदस्य हैं, जो योजनाबद्ध तरीके से अफसरों, नेताओं, व्यापारियों, पत्रकारों पर गैंगरेप के मुकदमें दर्ज करवाता है। खास बात यह है कि यह सभी मुकदमें कोर्ट के माध्यम से दर्ज करवाए जाते हैं। इन सभी मुकदमों को पुलिस की जांच में झूठा पाया जाता है। इस हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ बुलंदशहर के एक पत्रकार ने मोर्चा खोला तो उसे भी गैंगरेप के मुकदमे का सामना करना पड़ा। हालांकि इस पत्रकार को पुलिस जांच में क्लीन चिट मिल गई।
केस- 1 (IES के पिता पर गैंगरेप का मुकदमा)
जहाँगीराबाद के मूल निवासी और पंचकुला में तैनात IES अफसर अनुज कुमार के पिता और जवाहर ज्योति इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य वेदप्रकाश हरित समेत 5 के खिलाफ कोर्ट के माध्यम से गैंगरेप का परिवाद दर्ज कराया जाता है। इस परिवाद का पोक्सो कोर्ट में करीब 2 साल ट्रायल चलता है। हिस्ट्रीशीटर नीरज पाठक स्वयं इस केस में गवाह बनता है। अंततः न्यायाधीश ध्रुव कुमार राय की कोर्ट द्वारा सभी आरोपियों को बाइज्जत केस से बरी किया जाता है और परिवाद को निरस्त किया जाता है। इस प्रधानाचार्य का कसूर इतना था कि इसने नीरज पाठक के अनैतिक कार्य को करने से मना कर दिया
केस- 2 (जिला पंचायत के AMA पर गैंगरेप)
बुलंदशहर जिला पंचायत के वर्तमान अपर मुख्य अधिकारी (AMA) धर्मजीत त्रिपाठी और उनके बाबू विनोद कुमार के खिलाफ रुखसाना नामक महिला द्वारा गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कराया जाता है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जाती है तो मामला फर्जी पाया जाता है। पुलिस ने AMA और उनके बाबू को इस मामले में क्लीन चिट देकर मामले में क्लोजर रिपोर्ट लगा दी। इस अफसर का कसूर इतना था कि इसने हिस्ट्रीशीटर के अवैध साप्ताहिक बाजार को निरस्त कर दिया।
केस- 3 (पूर्व चेयरमैन पर भी लगाया गैंगरेप)
हिस्ट्रीशीटर नीरज पाठक हत्या के मामले में सजायाफ्ता है तो वह खुद चुनाव नहीं लड़ सकता। 2013 के नगर निकाय चुनाव में जहाँगीराबाद नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए हिस्ट्रीशीटर नीरज पाठक की मां विमला पाठक को कृष्णकांत वार्ष्णेय ने चुनाव हरा दिया। इस हार का बदला लेने के लिए हिस्ट्रीशीटर नीरज पाठक ने कोर्ट के माध्यम से पालिका चेयरमैन कृष्णकांत वार्ष्णेय समेत 5 लोगों के खिलाफ एक महिला से गैंगरेप का मुकदमा दर्ज करवाया, जोकि पुलिस की जांच में फर्जी पाया गया। कृष्णकांत वार्ष्णेय का कसूर यह था कि जनता ने उन्हें चुनाव जिता दिया
केस- 4 (पत्रकार-व्यापारी पर दर्ज कराया गैंगरेप)
बुलंदशहर के एक पत्रकार ने जब हिस्ट्रीशीटर की कुंडली खोलनी शुरू की तो हिस्ट्रीशीटर ने उसी रुखसाना नामक महिला से जिसने जिला पंचायत के AMA के खिलाफ गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कराया था उसी महिला से कोर्ट के माध्यम से पत्रकार और व्यापारी पर गैंगरेप का मुकदमा दर्ज करवा दिया। इस महिला के आरोपों की जांच जब पुलिस ने की तो आरोप फर्जी पाए गए।


पाठक व अन्य पर दर्ज हुए मुकदमे की प्रति देखिए…..







