जयपुर। न्यूज़ फ्लैश चैनल से जुड़े वरिष्ठ कैमरामैन सुरेश तान्या ने अचानक सेवा से हटाए जाने पर आपत्ति जताई है। इस संबंध में उन्होंने चैनल के चेयरमैन सुनील शर्मा को पत्र लिखकर अपना विरोध दर्ज कराया है।
पत्र में सुरेश तान्या ने लिखा है कि वह 18 जून 2025 से चैनल में बतौर सीनियर वीडियो जर्नलिस्ट सेवाएं दे रहे थे। लेकिन 1 सितंबर 2025 से बिना किसी पूर्व सूचना और कारण बताए, उन्हें सेवा से हटाने का फरमान सुना दिया गया।
तान्या का कहना है कि 20 अगस्त को राजस्थान कांग्रेस मुख्यालय में कवरेज के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इस घटना के गवाह मीडिया जगत के पत्रकार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और कई अन्य पदाधिकारी भी रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना की जानकारी होने के बावजूद चैनल प्रबंधन ने उनकी मदद करने के बजाय नौकरी से निकाल दिया।
पत्र में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संस्थान में काम करने के बाद भी अब तक उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया। तान्या ने बकाया सैलरी और दो माह की सेवरेंस पे जल्द से जल्द अदा करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वह श्रम न्यायालय का रुख करेंगे।
उन्होंने कहा कि चैनल प्रबंधन द्वारा बार-बार कर्मचारियों को बिना कारण और नोटिस निकाले जाने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, जो सेवा अधिनियम का उल्लंघन है।
भड़ास मीडिया को भेजा गया पूरा पत्र यहां पढ़ें…
नमस्कार
सुनील शर्मा जी (चेयरमैन News फ्लैश) जयपुर
विषय:– बिना बताए बिना कारण के अचानक सेवा से निकाले जाने के सम्बन्ध में
महोदय उपरोक्त विषयांतर्गत लेख है कि में आपके संस्थान न्यूज फ्लैश चैनल में 18 जून 2025 से वरिष्ठ कैमरामैन के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा था। संस्थान के उच्च अधिकारियों द्वारा अचानक ही मुझे फोन द्वारा सूचित किया गया कि आपको एक सितम्बर 2025 से आपको सेवा से हटा दिया गया है।
आपसे और आपके संस्थान से ये उम्मीद नहीं थी कि ऑफिस टाइमिंग के समय कवरेज के दौरान अपने कर्मचारी की तबीयत खराब होने पर, बजाए उसकी मदद करने के उसे नौकरी से ही निकाल दें।
दिनांक 20 अगस्त 2025 को राजस्थान कांग्रेस मुख्यालय में कवरेज के दौरान अचानक से मेरी तबियत खराब हो गई थी, जिसका गवाह पूरा मिडिया समूह और PCC के प्रदेश अध्यक्ष श्री गोविन्द सिंह डोटासरा जी और अन्य जिम्मेदार पदाधिकारीगण हैं। पूरा घटना क्रम आपके संज्ञान में होने के बावजूद आपने मेरी खैर खबर लेने के बजाय मुझे सेवा से पृथक करके अपनी जिम्मेदारी के पल्ला झाड़ लिया।
मेरे जैसे जिम्मेदार कर्मचारी के साथ आपका ये कृत्य अमानवीय श्रेणी में है। आमतौर पर देखने को मिला है मेरे साथ जैसा कृत्य आपने किया है, इससे पहले भी आपने ऐसा ही कृत्य अन्य कर्मचारियों के साथ भी किया है। और मेरे ही जैसे उन्हें भी बिना नोटिस दिए, बिना किसी कारण के तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया। जो सेवा अधिनियम का पूर्ण रूप से उल्लंघन है।
महोदय मैंने आपका संस्थान में 18 जून 2025 से कार्यरत हूं लेकिन आपके द्वारा मुझे वेतन के नाम पर अभी तक कोई भुगतान नहीं किया गया है। जब भी आपसे वेतन के लिए कहा गया आपने कोई न कोई बहाना कर के टाल दिया।
अतः आपसे निवेदन है कि मेरी बकाया सैलरी और दो माह की सेवरेंस पे (वेतन )शीघ्रातिशीघ्र भुगतान करने का कष्ट करें। अन्यथा मुझे मजबूरन श्रम न्यायालय में शरण लेनी पड़ेगी। जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी आपकी होगी।
भवदीय
सुरेश तान्या, सीनियर वीडियो जर्नलिस्ट



