रांची: डिजिटल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म न्यूज़ विंग (Apex Newswing (OPC) Pvt. Ltd.) के खिलाफ वेतन बकाया और संचालन संबंधी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें 10 महीने से अधिक समय से सैलरी नहीं मिली, जिसके कारण कई लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। दूसरी ओर, कंपनी के मालिक बिपिन सिंह का कहना है कि “करीब चार महीने” का ही बकाया है और हालात जल्द सामान्य करने की कोशिश हो रही है।
शिकायत क्या है?
कर्मचारियों के अनुसार वेतन 10+ महीने से बकाया है; बार-बार “आज/कल” का आश्वासन दिया जाता रहा। कुछ कर्मचारियों ने पारिवारिक इलाज, बच्चों की पढ़ाई और रोज़मर्रा के खर्च पूरे करने में कठिनाई होने की बात कही।
भुगतान टालने के लिए “परिवार में बीमारी”, “अकाउंटेंट/HR छुट्टी पर” जैसे बहाने दिए जाने का आरोप।
दफ्तर और संचालन की स्थिति
कर्मचारियों ने दावा किया कि दिल्ली, अशोक नगर स्थित दफ्तर का किराया कई महीनों से बकाया रहा और मकान मालिक ने ताला लगा दिया। रांची, जमशेदपुर, पटना और उत्तर प्रदेश के दफ्तरों के बंद/अक्रिय होने की भी बात कही गई; रांची यूनिट को “स्ट्रेचर पर” बताया गया।
कानूनी मोर्चा
पूर्व संपादक शंभूनाथ चौधरी ने अदालत का दरवाज़ा खटखटाया। उनके अनुसार आर्डर आ चुका है, लेकिन भुगतान अब भी लंबित है।
किसने क्या कहा—बयान
- शंभूनाथ चौधरी (पूर्व संपादक): “संस्थान में करीब 100 से ज्यादा पत्रकारों का वेतन बकाया है। कोई आर्थिक रूप से परेशान है, किसी के परिवार में मृत्यु/बीमारी हुई। इन्हीं वजहों से मेरा मतभेद हुआ था। मैंने मुकदमा कर रखा है।”
- ज्ञानरंजन (पॉलिटिकल एडिटर): “मेरे साथ-साथ बहुतों का रुपया संस्थान पर बकाया है।”
- कुमार सौरभ (उप-संपादक): “यह इंटरनल मामला है, इस पर मैं टिप्पणी नहीं कर सकता।”
बिपिन सिंह (मालिक, न्यूज़ विंग): “मैं आठ साल से समय पर सैलरी दे रहा हूं। किसी ने मुझे लाभ नहीं दिया। मेरी पत्नी को कैंसर है; दो साल से अस्पतालों के चक्कर लगा रहा हूं। करीब चार महीने की सैलरी बकाया है। बिहार चुनाव के बीच कर्मचारी स्ट्राइक पर बैठ गए। मैं खुद परेशानी में हूं; कर्मचारियों को थोड़ा धैर्य और भरोसा रखना चाहिए।”
संस्थान के पीड़ित कर्मचारियों द्वारा भड़ास को भेजे गए मेल पर आधारित



