प्रेमकुमार मणि-
निशिकांत दुबे, आपको शर्म करनी चाहिए. आज टीवी पर लोकसभा की कार्यवाही देखते हुए आपको सुनने का अवसर मिला. कहीं का कोई प्रसंग हो आप भाजपा के लोग नेहरू को अपमानित करने का अवसर नहीं चूकते. मत चूकिए. लेकिन तथ्य तो ठीक कर लीजिए. गलत और झूठ रखना अच्छी बात है क्या?
आज आपने हाथ में कोई किताब दिखाते हुए उसे पामेला मॉउन्टबेटन हिक्स की किताब बताया और दावा किया कि इस किताब में यह बात है कि जब गांधीजी की हत्या हुई थी तब जवाहरलाल जी मॉउन्टबेटन की पत्नी एडविना के साथ एक कमरे में थे. आपका इशारा है रंगरेलियां कर रहे थे. पामेला हिक्स मॉउन्टबेटन की बेटी थीं, जो वायसराय के रूप में उनके भारत आने के समय 18 साल की थीं और उन्होंने अपने भारत प्रवास की नियमित डायरी लिखी है. यह डायरी पर आधारित किताब है जिसे पामेला की बेटी इंडिया हिक्स ने एक भूमिका के साथ जारी किया है. किताब का नाम है इंडिया रेमेम्बर्ड.
यह किताब मैंने भी वर्षों पूर्व पढ़ी है और मेरे पास है भी. इस पर उसी समय अपने फेसबुक पर एक नोट भी लिखा था. आपका भाषण सुनने के बाद इस किताब को ढूंढा और देखा. ओह! झूठ की भी हद होती है निशिकांत दुबे! पामेला ने 30 जनवरी 1948 की डायरी बेहद भावपूर्ण लिखी है.
उस रोज दोपहर बाद उसका परिवार (यानि माता पिता, बहन बहनोई और वह) मद्रास के दौरे से दिल्ली लौटा है. कुछ ही घंटे बाद की बात है कि अचानक से रेडियो पर गांधीजी की हत्या की खबर सुनती है. पूरा परिवार सकते में आ जाता है. उसके पिता तुरंत बिरला हाउस केलिए दौड़ते हैं. इसमें नेहरू और उसकी मां के साथ होने या उस समय उनके घर होने का तो कोई जिक्र नहीं है.
हाँ यह बात जरूर है कि गांधी जी अपनी हत्या के कुछ समय पहले तक नेहरू और पटेल के बीच आये मतभेद पर उन्हें एक साथ बैठ कर समझा रहे थे. यानि मौत के कुछ समय पूर्व तक गांधी के साथ कोई था तो नेहरू और पटेल थे.
निशिकांत जी झूठ और नफरत फ़ैलाने की एक सीमा होती है. क्या कहूं . आपको शर्मिंदगी हो न हो; मुझे इसलिए होती है कि देश की सबसे बड़ी पंचायत में आप जैसे लोग सदस्य हैं.



