मेरठ। सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में रिपोर्टिंग करने पहुंचे रिपब्लिक भारत के संवाददाता के साथ पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोप सामने आए हैं। मीडियाकर्मियों का कहना है कि पुलिस ने जबरन कवरेज से रोकने की कोशिश की, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
जानकारी के अनुसार, कपसाड़ गांव के सभी प्रमुख रास्तों और संपर्क मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात है। गांव में मीडिया के प्रवेश पर लगभग पूर्ण रोक लगा दी गई है। इसके बावजूद कुछ पत्रकार वैकल्पिक रास्तों और पगडंडियों से गांव तक पहुंचने में सफल रहे।
पीड़ित मीडियाकर्मी के मुताबिक, वह पीड़ित परिवार के घर पहुंचे थे, जहां पूर्व विधायक संगीत सोम मौजूद थे और वह उनसे मामले को लेकर बातचीत करना चाहते थे। इसी दौरान पीड़ित परिवार के घर की ओर जाने वाले रास्ते पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया।
आरोप है कि जब संवाददाता ने रोके जाने पर आपत्ति जताई और कवरेज की अनुमति मांगी, तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और मारपीट की। घटना के बाद वहां मौजूद अन्य मीडियाकर्मियों में भी पुलिस के व्यवहार को लेकर गहरा रोष फैल गया।
मीडियाकर्मियों ने आरोप लगाया कि पुलिस का यह रवैया प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय का ट्वीट-
अर्नब गोस्वामी साहब, जवाब यूपी पुलिस से नहीं, यूपी सरकार से माँगिए। पुलिस तो वही कर रही है जो उसे कहा जा रहा है।
अगर गुंडागर्दी शब्द का इस्तेमाल ही करना है तो मेरठ पुलिस की गुंडागर्दी क्यों? योगी सरकार की गुंडागर्दी क्यों नहीं?
इसलिए कि आज भी योगी सरकार के सूचना विभाग से मिलने वाले विज्ञापन की लिस्ट में आप टॉप पर हैं! फिर ये पुलिस को टारगेट करने का ड्रामा क्यों?
मने लॉर्ड डलहौजी की तरह धन संपत्ति का लगान भी वसूलना है और साथ ही साथ भगत सिंह भी बनना है!




Subodh
January 12, 2026 at 10:50 am
Ndtv के पत्रकार को सिर्फ बोलने पर इतना हंगामा मचाने वाला, आज खुद के रिपोर्टर के लिए दबी दबी रिपोर्टिंग कर रहा है