लखनऊ : दैनिक भास्कर का एक स्टिंग सुर्खियों में है। इस स्टिंग में एक महिला, अंडरकवर रिपोर्टर से रेप का मुकदमा लिखवाने की बात कर रही है। महिला लड़की का बंदोबस्त करने से लेकर दावा कर रही है कि वह लखनऊ के किसी भी थाने में 376 का मुकदमा दर्ज करवा सकती है। मतलब कुल मिलाकर किसी को भी रेप केस में फंसाकर ब्लैकमेल करने का धंधा फल फूल रहा है, वो भी यूपी की राजधानी लखनऊ में… नीचे पढ़िए
राजेश साहू-
भास्कर रिपोर्टर: क्या आपके पास नाबालिग लड़कियां हैं?
सफलता पाठक: वो, आप हम पर छोड़ दीजिए। पहले डिटेल दीजिए, बाकी मैं यहां बैठकर सब पता कर सकती हूं। काम हो जाएगा, मुझे पूरा भरोसा है।
रिपोर्टर: काम में समय कितना लगेगा?
सफलता पाठक: डिटेल और क्लाइंट से मुलाकात के बाद बता दूंगी।
रिपोर्टर: मोटे तौर पर खर्च कितना आएगा?
सफलता पाठक: बता दूंगी। 376 (रेप केस) तो हमारे लिए नॉर्मल है। चाहे कुछ हुआ हो या नहीं, लगवा देंगे।
रिपोर्टर: क्या पुलिस से सेटिंग है?
सफलता पाठक: मैं किसी भी थाने में FIR लिखवा दूंगी।
ये सब राजधानी लखनऊ में हो रहा। रेप केस में फंसाने के लिए सफलता पाठक जैसों ने गैंग बना रखी है। पुलिस इनके इशारे पर काम करती है।
देखिए, 16-17 साल की लड़की है। पहले इसको किसी और से फिजिकल कराएंगे। इसके बाद आप जिसे बताओगे, फंसा देंगे। सीधा जेल जाएगा, जमानत भी नहीं मिलेगी। इसके 20 लाख लगेंगे। अगर बालिग लड़की से रेप में फंसवाएंगे तो 2-3 लाख कम हो जाएंगे।’
ये कहना है महिला सरगना का, जो यूपी में फर्जी FIR की गैंग चला रही है। गैंग में दर्जनों लड़कियां हैं। इनमें से कई पढ़ी-लिखी भी हैं। ये लड़कियां सरगना के एक इशारे पर किसी को भी रेप के आरोप में फंसा देती हैं। यूपी के सभी 75 जिलों में इनका नेटवर्क है।
देश में रेप के फर्जी केसों से कई जिंदगियां तबाह हो गईं। कुछ दिन पहले गोंडा के युवा इंजीनियर अभिषेक श्रीवास्तव को शादीशुदा गर्लफ्रेंड ने झूठे रेप केस में फंसाकर लाखों रुपए वसूले। 10 दिन जेल में रहने के बाद उसने सुसाइड कर लिया और दीवारों पर चिपका गए अपनी बेगुनाही के सबूत।




