पटना, 29 सितंबर। जनसुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) ने सोमवार को एक बार फिर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए। पटना में प्रेसवार्ता करते हुए पीके ने कहा कि सम्राट चौधरी बिहार के चर्चित शिल्पी हत्याकांड में संदिग्ध अभियुक्त रहे हैं।
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि उस वक्त सम्राट चौधरी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में थे और साधु यादव के साथ इस केस में अभियुक्त बनाए गए थे। जांच सीबीआई तक पहुँची और एजेंसी ने सम्राट चौधरी से पूछताछ की, उनका सैंपल भी लिया। लेकिन पीके का आरोप है कि उस समय लालू प्रसाद यादव की सरकार ने साधु यादव को बचाने के लिए पूरा केस ही खत्म करवा दिया।
उन्होंने कहा— “सीएम नीतीश कुमार को चाहिए कि या तो सम्राट चौधरी को गिरफ्तार करवाएं या फिर जेल में बंद अन्य हत्या के आरोपियों को भी रिहा करवा दें। बिहार की जनता इस सच को जान चुकी है।”
“छह लोगों की हत्या का आरोप”
प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि सम्राट चौधरी पर छह हत्याओं के आरोप दर्ज रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंगेर में कांग्रेस नेता की हत्या के मामले में भी सम्राट चौधरी अभियुक्त थे। उस समय कोर्ट ने उन्हें केवल नाबालिग मानकर राहत दी थी, लेकिन पूरी तरह बरी नहीं किया।
पीके ने सीधे सवाल दागे— “सम्राट चौधरी बताएँ कि क्या उनका नाम शिल्पी गौतम केस में नहीं था? क्या सीबीआई ने उनसे पूछताछ नहीं की थी? अगर वह इस बारे में चुप रहे तो मैं अगली बार CBI की पूरी रिपोर्ट जनता के सामने रखूंगा।”
“कांग्रेस नेता सदानंद सिंह की हत्या में नाम”
पीके ने आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी का असली नाम सम्राट कुमार मौर्य है। वर्ष 1998 में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सदानंद सिंह की हत्या में भी उनका नाम सामने आया था। उस केस में आरोप था कि बम मारकर सदानंद सिंह समेत छह लोगों की हत्या की गई और सम्राट चौधरी जेल भी गए। लगभग छह महीने जेल में रहने के बाद वह नाबालिग दिखाकर रिहा हो गए।
“इस्तीफा दें सम्राट चौधरी”
“बिहार का उपमुख्यमंत्री मर्डर केस का अभियुक्त रहा है, जेल जा चुका है। क्या ऐसे व्यक्ति को राज्य की दूसरी सबसे बड़ी कुर्सी पर बैठना चाहिए?” – प्रशांत किशोर
पीके ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को तत्काल सम्राट चौधरी से इस्तीफा लेना चाहिए।



