नरेंद्र नाथ मिश्रा-
अगर किसी विपक्षी नेताओं पर करप्शन के आरोप लगे तो टीवी पर कई दिनों तक अनवरत डिबेट किये जाते हैं। उन नेताओं के मुंह तक माइक घुसाए जाते हैं। अभी भी नेहरू जमाने तक के घोटाले को खोदे जाते रहते हैं।
लेकिन बिहार में सत्तारूढ़ दल के तीन बेहद सीनियर मंत्रियों पर करप्शन के बहुत गंभीर आरोप हैं। उसके समर्थन में कई दस्तावेज भी पेश किये जा रहे हैं। लेकिन नील बटे सन्नाटा। कोई सुगबुगाहट नहीं। न कहीं डिबेट। न कहीं सवाल।
हां, अगर सवाल होंगे तो उल्टे प्रशांत किशोर से या उनसे जो सवाल करेंगे। यह मुद्दा उठाएंगे।
बिहार में बीजेपी मंत्री सम्राट चौधरी, पार्टी प्रेसिडेंट दिलीप जयसवाल और जेडीयू मंत्री अशोक चौधरी पर प्रशांत किशोर की ओर से भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाने के बाद सत्तारूढ़ खेमे में सन्नाटा है।
एक तरह से इन मंत्रियों और नेताओं को ख़ुद ही बचाव करने छोड़ दिया गया है। जेडीयू प्रवक्ता ने तो सीधे तौर पर अपने मंत्री को सफ़ाई देने की सलाह दे दी। सबसे बड़ी बात कि इन गंभीर आरोप पर कोई भी ठोस और तार्किक आधार पर जवाब नहीं दे रहा है। सरकार के मंत्रियों के ख़िलाफ़ गंभीर आरोप चुनाव से ठीक पहले लगे हैं।
बिहार के इन तीनों नेताओं पर गंभीर आरोप क्या हैं? जानिए…
सम्राट चौधरी पर आरोप
- प्रशांत किशोर का दावा है कि सम्राट चौधरी की शैक्षिक योग्यता संदिग्ध है — उन्होंने आरोप लगाया कि वह मैट्रिक पास नहीं किए हैं।
- उन्होंने कहा कि वर्ष 1998 में कांग्रेस नेता सदानंद सिंह की हत्या की घटना से उनका नाम जुड़ा था, और वह 6 महीने जेल में रहे। बाद में उन्होंने खुद को नाबालिग बताकर रिहा हो गए।
- आर.के. सिंह ने इस मौके पर कहा कि अगर उनके शिक्षा संबंधी दावे सही हैं, तो सम्राट चौधरी को अपनी मैट्रिक और स्नातक की डिग्रियाँ सार्वजनिक करनी चाहिए।
दिलीप जायसवाल पर आरोप
- प्रशांत किशोर ने कहा कि दिलीप जायसवाल हत्या में संलिप्त हैं।
- इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि जायसवाल ने एक मेडिकल कॉलेज पर अवैध कब्जा किया।
- आलोचक पूछ रहे हैं कि यदि ये आरोप बेबुनियाद हैं तो जायसवाल कोर्ट का दरवाज़ा क्यों नहीं खटखटाते?
अशोक चौधरी पर आरोप
- प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया है कि अशोक चौधरी ने पिछले दो वर्षों में 200 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जुटाई है, जिसमें उनकी बेटी शांभवी, दामाद सायन कुणाल और ट्रस्ट से जुड़े लोग शामिल हैं।
- आरोप है कि अशोक ने वर्ष 2019 में अपने पर्सनल सेक्रेटरी योगेंद्र दत्त के नाम पर जमीन खरीदी, बाद में उसे अपनी बेटी के नाम ट्रांसफर किया। लेकिन इस प्रक्रिया में राशि का लेन-देन विवादित तरीके से किया गया।
- अशोक चौधरी ने प्रशांत किशोर को 100 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है और आरोपों को “निराधार और भ्रामक” करार दिया है।
- उन्होंने दावा किया कि जो संपत्ति आरोपों में बताई गई है, वह वैध आय से खरीदी गई है और पहले ही उनके चुनावी हलफनामे में उस संपत्ति का विवरण दिया गया है।



