संदीप देव-
हरदीप पुरी की बेटी के लिए हाईकोर्ट इतना चिंतित क्यों है कि हमें सुने बिना हमारे पोस्ट और वीडियो को हटवाया जा रहा है?
मेरे पोस्ट, वीडियो, लेख के विरुद्ध लीगल नोटिस, अदालती आदेश की बाढ़ आई हुई है। सभी प्लेटफार्मों से केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी की कंपनी में आई संदिग्ध फंडिंग वाली रिपोर्ट, पोस्ट, वीडियो, लेख हटवाए जा रहे हैं!
अरे हाईकोर्ट के मी-लॉर्ड पहले मुझे सुन तो लीजिए, मुझे अदालत में अपना पक्ष तो रखने दीजिए, फिर जो आदेश देंगे वो मानूंगा, लेकिन मुझे बिना सुने ही एक तरफा आदेश देकर सभी प्लेटफार्मों से मेरी रिपोर्ट उड़वाना, क्या यह संविधान का उल्लंघन नहीं है?
अब तो मेरे उस पोस्ट के विरुद्ध भी केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी हाईकोर्ट का आदेश ले आई है, जिसमें मैंने उसके भेजे नोटिस को सार्वजनिक किया था। अर्थात् वह नोटिस जो भेजेगी, उसे भी हमें लोगों को नहीं बताना है, अन्यथा हाईकोर्ट उसके लिए भी नोटिस जारी कर देगी कि उसे हटाएं। गजब मजाक बना रखा है कानून का! आपकी आवाज दबाया जाए और आप इसे लोगों को बता भी न सके, यही इस आदेश का मकसद है!
अच्छा इन सब नोटिस में कारण क्या दिया गया है आप जानते हैं? यही कि आप भारत के स्थानीय कानून का उल्लंघन कर रहे हैं, इसलिए आप पर सिविल शूट दायर किया गया है और उसी के तहत आपके सभी पोस्ट हटाए जा रहे हैं!
फिर india speak daily Youtube channel पर से भी हाईकोर्ट के आदेश से वीडियो भारत में बैन करवा दिया गया है। अर्थात् भारत के लोग हरदीप पुरी और उसकी बेटी की सच्चाई से अवगत न हो, यही इनका और दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश का मकसद है।


आखिर एप्सटीन फाईल का भय तो है, तभी इतनी बेचैनी है! अब कल को इस पोस्ट पर भी हाईकोर्ट से ये आदेश न ले आएं कि जी, मी-लॉर्ड आपके आदेश को भी संदीप देव ने सार्वजनिक कर दिया? क्या पता? आखिर शासन से जुड़े एलिट क्लास जो हैं ये लोग?
मैं धीरे-धीरे सोशल प्लेटफार्म से हटकर केवल india speak daily News Portal पर ही लिखूंगा/बोलूंगा। हालांकि वह उस पर भी हरदीप पुरी की बेटी नोटिस भेज चुकी है, परन्तु वहां हमारा नियंत्रण है, जबकि अन्य जगह सोशल प्लेटफार्म मालिकों का नियंत्रण है और वह नोटिस मिलते ही सारे पोस्ट और वीडियो या तो डिलीट कर देते हैं या भारत के दर्शक उसे देख न सकें, इसलिए हाईड कर देते हैं।


