Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

वेब-सिनेमा

जब शत्रुघ्न सिन्हा और रवि किशन जी ने मनोज तिवारी जी के खिलाफ चुनाव प्रचार से कर दिया था इंकार!

शशिकांत सिंह-

एक समय था जब भोजपुरी फिल्मों के मेगास्टार मनोज तिवारी जी और रवि किशन जी के बीच जमकर मनभेद होते थे। दोनों मेगास्टारों के इस मतभेद की चर्चा पूरे फिल्म जगत में रहती थी। उस दौरान मैं मनोज जी और रवि जी — दोनों का पीआर संभाल रहा था। इसी मनभेद के कारण मुझे रवि जी का काम छोड़ना पड़ा।

बहरहाल, वर्ष 2009 में मनोज तिवारी जी को जाने-माने नेता अमर सिंह जी की पहल पर मुलायम सिंह यादव जी ने समाजवादी पार्टी में शामिल कराया और गोरखपुर लोकसभा सीट से तब के सांसद योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारा। मनोज जी के निर्देश पर मैं भी गोरखपुर पहुंच गया और लगभग एक महीना वहीं रहा।

इस दौरान रवि किशन जी कांग्रेस में शामिल हो चुके थे और पार्टी के स्टार प्रचारक थे। गोरखपुर से कांग्रेस ने लालचंद निषाद को उम्मीदवार बनाया था। एक दिन खबर आई कि रवि किशन जी लालचंद निषाद के समर्थन में प्रचार करने गोरखपुर आ रहे हैं। जाहिर है, यह मनोज तिवारी जी के खिलाफ प्रचार माना जाता।

रवि जी गोरखपुर पहुंचे। आते ही उन्होंने मुझे फोन किया और पूछा — “कहां हो शशि बाबू?”

मैंने कहा — “गोरखपुर में हूं।”

उन्होंने पूछा — “कांग्रेस प्रत्याशी की क्या स्थिति है वहां?”

मैंने कहा — “भइया, बहुत खराब। लालचंद निषाद जी की जमानत जब्त हो जाएगी।”

उन्होंने कहा — “मनोज जी से मेरी बात कराओ, वो मेरा फोन नहीं उठा रहे हैं।”

मैंने कहा — “भइया, वो क्षेत्र में हैं और आपको तो मनोज जी के खिलाफ ही प्रचार करने आना था, कोई और सीट नहीं मिली।”

खैर, रवि किशन जी ने तुरंत दिमाग लगाया और कांग्रेस पदाधिकारियों से कहा कि उनका पेट खराब हो गया है, इसलिए वे एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकल पाएंगे। कुछ देर रुके और फिर सीधे मुंबई लौट गए, इस तरह उन्होंने मनोज तिवारी जी के खिलाफ चुनाव प्रचार से खुद को अलग कर लिया।

इस घटना के बाद मनोज जी और रवि जी के बीच के मनभेद दूर होने लगे। गोरखपुर चुनाव में मनोज जी हार गए और योगी आदित्यनाथ जी विजयी हुए। कांग्रेस प्रत्याशी लालचंद निषाद चौथे स्थान पर रहे, मनोज जी तीसरे और बसपा के विनय शंकर तिवारी दूसरे स्थान पर रहे।

बाद में, वर्ष 2014 में रवि किशन जी ने जौनपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा। तब तक मनोज तिवारी जी भाजपा में शामिल होकर स्टार प्रचारक बन चुके थे। पार्टी ने उन्हें जौनपुर में रवि जी के खिलाफ प्रचार के लिए भेजने की योजना बनाई, लेकिन मनोज जी ने भी वहां प्रचार करने से साफ इंकार कर दिया। रवि जी उस चुनाव में हार गए।

इसी तरह वर्ष 2009 में भाजपा के स्टार प्रचारक शत्रुघ्न सिन्हा जी को पार्टी ने गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ जी के समर्थन में प्रचार के लिए भेजा था। उस समय शत्रु जी बिहार की पटना साहिब सीट से चुनाव लड़ रहे थे। वे हेलीकॉप्टर से गोरखपुर पहुंचे थे और उनकी कई सभाएं तय थीं। प्रेस का भारी जमावड़ा था।

इसी बीच खबर आई कि शत्रु जी की पत्नी पूनम सिन्हा जी को फोन पर बताया गया कि शत्रु जी गोरखपुर में मनोज तिवारी जी के खिलाफ प्रचार करने जा रहे हैं, और मनोज जी बिहार में लालू यादव की पार्टी के समर्थन में शत्रु जी के खिलाफ प्रचार करेंगे। कहा जाता है कि यह सुनते ही पूनम जी ने शत्रु जी को फोन किया, पूरी बात बताई, और शत्रु जी ने तुरंत निर्णय लिया कि वे मनोज जी के खिलाफ प्रचार नहीं करेंगे। वे भी मुंबई लौट आए। मनोज जी ने भी शत्रु जी के खिलाफ प्रचार नहीं किया।

बाद में मनोज तिवारी जी उत्तर-पूर्व दिल्ली लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे। लगभग बीस दिन मैं उनके निर्देश पर दिल्ली में रहा। मनोज तिवारी जी ने उत्तर-पूर्व दिल्ली से भारी बहुमत से जीत हासिल की, और तब से आज तक वे इस सीट से लगातार जीतते आ रहे हैं।

वर्तमान में मनोज तिवारी जी और रवि किशन जी — दोनों भाजपा में हैं, दोनों सांसद हैं, और अब उनके बीच के सभी मनभेद पूरी तरह समाप्त हो चुके हैं।

शशिकांत सिंह मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार हैं.

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन