गिरधारी लाल गोयल-
बहुत सालों में बाद कोई आंदोलन हुआ और वो सफल भी हुआ….
स्मार्ट मीटर (Smart Meter) के खिलाफ हो रहे आंदोलन से घबराई UP सरकार ने फैसला लिया है कि उपभोक्ताओं का स्मार्ट मीटर सामान्य पोस्ट-पेड मीटर की तरह ही कार्य करेगा।
जैसे ही उपभोक्ता पहले मासिक बिल भरते थे वैसे ही हर माह की एक से 30 तारीख तक का बिल अगले दस दिन में एसएमएस या ह्वाट्सऐप पर भेजा जाएगा…. बिल मिलने के बाद दी गई समय सीमा में उपभोक्ता को बिल जमा करना होगा।
ऊर्जा मंत्री A K Sharma ने कहा है कि जिन उपभोक्ताओं ने फोन नंबर नहीं दर्ज कराया है वे तत्काल दर्ज करा लें और बिजली विभाग से आने वाले संदेश को ध्यान दें….
विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी दशा में माह के अंदर बिजली नहीं काटें। जिन उपभओक्ताओं का पहले से बकाया है, वे 10 किस्तो में भुगतान कर सकेंगे
लेकिन इसमें ये स्पष्ट नहीं है कि तेज भागने वाली शिकायतों पर क्या किया जाएगा? क्योंकि टेस्ट मीटर तो उपभोक्ता को कभी भी राहत देता नहीं है
यूपी के उर्जा मंत्री एके शर्मा जी का एफबी पोस्ट-
मैंने पहले भी कहा था ‘उपभोक्ता देवो भव:’
निर्णय लिया है कि सभी स्मार्ट मीटर अब पोस्ट पेड मीटर की तरह ही काम करेंगे। विद्युत उपभोक्ताओं को स्मार्ट /प्रीपेड मीटर से आ रही तकनीकी दिक्कत के मद्देनजर उन्हें बड़ी राहत देने का महत्वपूर्ण निर्णय आज लिया है।
जिसके अनुसार अब:
- सभी उपभोक्ताओं का स्मार्ट मीटर सामान्य/पोस्ट-पेड मीटर की तरह ही कार्य करेगा।
- अर्थात् प्री-पेड नाम की व्यवस्था समाप्त की जा रही है।
- जैसे आप पहले मासिक बिल भरते थे वैसे ही महीने की 1 तारीख से 30 तारीख तक का बिल अगले दस दिन में आपको एसएमएस या ह्वाट्सऐप पर भेजा जाएगा।
- बिल मिलने के बाद दी गई समय सीमा में आप कृपया बिल अवश्य भरें।
- आपसे यह भी निवेदन है कि अपना फ़ोन नंबर अद्यतन करा लें और बिजली विभाग से आने वाले संदेशों पर ध्यान दें।
- विभाग को यह भी पुनः निर्देशित किया है कि किसी भी स्थिति में महीने के अंदर बिजली नहीं काटी जाएगी।
- साथ ही यह भी कहा है कि पिछला बकाया हो तो उपभोक्ता दस किश्तों में भरने की सुविधा प्रदान की जाय।
- पुराने मीटरों को स्मार्ट-प्रीपेड मीटर से बदलने का कार्य स्थगित किया गया है।
- फिर भी हाल में लगे स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का समाधान हमारी प्राथमिकता है।
- गर्मी के दिनों में लोगों को विद्युत संबंधी कोई तकलीफ़ न पड़े इसके लिए शक्ति भवन में मीटिंग कर विभाग को आज पुनः हिदायत दिया है।
आपका सहयोग प्रार्थनीय है। माननीय प्रधानमंत्री जी और माननीय मुख्यमंत्री जी को नमन। सबको शुभकामना।
प्रीपेड मीटर की भ्रष्टाचारी व्यवस्था का हम सबका विरोध आख़िरकार दंभी सरकार को झुका गया है। ये जनशक्ति की जीत है। उप्र की जागरूक जनता भाजपा का अत्याचार और भ्रष्टाचार और नहीं सहेगी।
प्रीपेड मीटर के बहान जो बढ़े बिल जनता से वसूले गये हैं, उनका तार्किक समायोजन अगले बिलों में किया जाए। जब एआई का प्रयोग वोटर लिस्ट से नाम काटने में हो सकता है तो लॉजिकल एडजेस्टमेंट के लिए क्यों नहीं। बिजली के बिल से जो पैसा जनता से लिया गया है, वो भाजपा की लूट का माल है, जो जनता को लौटाना ही पड़ेगा। नहीं तो हम सब मिलकर एक और नया आंदोलन करेंगे।
-अखिलेश यादव (पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)


