सोनभद्र जिले में अवैध बालू खनन का गोरखधंधा योगी सरकार की सख्ती के बाद भी बेखौफ जारी है। आरोप है कि इस खनन माफिया रैकेट के पीछे पूर्व बाहुबली एमएलसी बृजेश सिंह और उनके करीबियों की सक्रिय भूमिका है। इसमें खनन विभाग के अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चेतावनी और बार-बार के निर्देशों के बावजूद सोनभद्र के कई इलाकों में बालू का अवैध खनन धड़ल्ले से हो रहा है। जिले की मलिया नदी से लेकर घोरावल, चोपन, रॉबर्ट्सगंज जैसे इलाकों में खनन माफियाओं ने सिस्टम को ठेंगा दिखाते हुए जेसीबी मशीनों से रात-दिन बालू निकासी का कार्य जारी रखा है।
जांच के दौरान कई स्थानों पर खनन माफियाओं की गतिविधियों की तस्वीरें सामने आई हैं। जेसीबी मशीनें, ट्रैक्टर ट्रॉली और डंपर से अवैध बालू परिवहन हो रहा है।
प्रशासन और पुलिस के स्तर पर लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि खनन विभाग के कुछ अधिकारी जानबूझकर आँखें मूंदे बैठे हैं। कई मामलों में तो शिकायतें दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई।
पूर्व बाहुबली एमएलसी बृजेश सिंह के संरक्षण में यह कारोबार पनप रहा है, ऐसा आरोप है। कहा जा रहा है कि उनके प्रभाव से अधिकारियों की मिलीभगत कायम है। कुछ अफसर तो सीधे उनके इशारे पर कार्य करते हैं।
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) ने भी बालू खनन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करते हुए जल स्रोतों और भूमि की उर्वरता को नुकसान पहुँचाया जा रहा है।
हाल ही में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित कई उच्च अधिकारियों ने एक समीक्षा बैठक की जिसमें अवैध खनन पर रोक लगाने के उपायों पर चर्चा की गई। लेकिन ज़मीनी स्तर पर बदलाव नजर नहीं आ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि रात को ट्रकों का शोर, रास्तों की दुर्दशा और पर्यावरणीय नुकसान से वे त्रस्त हो चुके हैं। विरोध करने पर धमकियाँ मिलती हैं।
यह मामला उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था, प्रशासनिक ईमानदारी और पर्यावरण सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अगर उच्च स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो यह संकट और गहराता चला जाएगा।
इस प्रकरण को स्थानीय अखबार भी उठाने लगे हैं-





रोहित गुप्ता
April 16, 2025 at 9:45 am
गंदा है पर धंधा है, चाहे किसी की सरकार हो, यहां हमाम में सब नग्न है, क्या सही क्या गलत, बाकी सब रब राखा।।