सौमित्र राय-
भोपाल से संचालित मीडिया पोर्टल द सूत्र के कर्ता–धर्ता आनंद पाण्डेय और हरीश दिवेकर को ब्लैकमेलिंग के आरोप में राजस्थान पुलिस कल उठाकर जयपुर ले गई है।
धाराएं आईटी एक्ट के तहत लगी है। मामला 5 करोड़ का बताया जाता है। भोपाल के रंजीत होटल में डील होनी थी। वहीं धर लिए गए। आनंद और मैं एक ही “स्कूल” से निकले थे। बाद में राहें जुदा हो गईं।
कोविड के बाद ऐसे 3 चैनल्स की मुझे जानकारी है, जिसमें पैसा कांग्रेस का लगा था और है। मोदीजी कह चुके हैं कि ब्लैक या व्हाइट, जो भी पैसा है तो लगाओ। उनकी बात के पीछे एक लाइन छिपी है कि उस पैसे से जमकर खेलो, लेकिन सत्ता की गोदी में।
मीडिया अब एक जैसा ही दिखता है। कुछेक को छोड़कर, जो मैदान में दिखते हैं। एसी रूम में नहीं। सत्ता की गोदी से बाहर आना मतलब अब मुसीबत है।
खबर गलत थी कि इंटेंशन गलत था? या दोनों? क्योंकि, मामला अंततः बड़ी अदालतों तक जायेगा। इस बीच इंदौर के पत्रकारों में चर्चा है कि मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से चर्चा की। विजयवर्गीय ने मध्य प्रदेश के इन दोनों पत्रकारों को हिरासत में लेने के संदर्भ में मालूमात हासिल की। बताया गया कि राजस्थान के मुख्यमंत्री ने यह साफ किया है कि इस मामले की उन्हें जानकारी नहीं। – श्रीपाल शक्तावत

जयंत सिंह तोमर-
दो खबरें मिली हैं। पहली, इंदौर जिला प्रशासन उन लोगों की सूची तैयार कर रहा है जो सूचना के अधिकार (आरटीआई) का उपयोग करते हैं। आरटीआई कानून को वैसे ही केन्द्र सरकार धीरे धीरे कमजोर किये दे रही है। इंदौर में सूची बनने के बाद उसका क्या उपयोग होगा कहना कठिन है।
दूसरी महत्वपूर्ण खबर, देश के प्रतिष्ठित पत्रकार श्री आनंद पांडेय को उनके सहयोगी सहित राजस्थान पुलिस ने अपनी निगरानी में लिया है। बताया जा रहा है श्री आनंद पांडेय का डिजिटल प्लेटफार्म ‘ द सूत्र ‘ लगातार राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के खिलाफ ‘ दिया तले अंधेरा ‘ नाम से श्रृंखला चला रहा था। आनंद पांडेय और उनके सहयोगी को पुलिस ने जिस तरह निगरानी में लिया है उसके पीछे यही कारण बताया जा रहा है।
श्री आनंद पांडेय का फोन दोपहर तीन बजे के बाद से बंद जा रहा है। अखबार और टीवी चैनलों पर अंकुश लगाने के बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म्स पर शिकंजा कसने की तैयारी पहले से ही चल रही है। सरकार को इस घटना का संज्ञान लेकर यथाशीघ्र समूचे प्रकरण के तथ्य सामने लामने चाहिए जिससे वस्तुस्थिति पता चले। एडिटर्स गिल्ड सहित अन्य संस्थाएं भी इस दिशा में सक्रिय हों।
- श्रीमान भजनलाल जी, मुख्यमंत्री
- राजस्थान सरकार, जयपुर
महोदय, जानकारी मिली है कि भोपाल के समाचार संस्थान ‘द सूत्र ‘ के वरिष्ठ पत्रकार श्री आनंद पांडे और श्री हरीश दिवेकर को राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ‘द सूत्र ‘ का उद्घोष रहा है ‘ हम केवल भगवान से डरते हैं’। ‘द सूत्र’ ने सदैव प्रमाणिक खबरों को ही उठाया है। इनकी गिरफ्तारी के बारे में कोई सार्वजनिक जानकारी नहीं दी गई है। ऐसा बताया जा रहा है कि शायद यह गिरफ्तारी वहां की उप मुख्यमंत्री श्रीमती दीया कुमारी की खिलाफत के समाचार देने के कारण की गई है। अगर यह सच है तो यह एक प्रकार की सरकारी आतंकवादी घटना है तथा बहुत ही शर्मनाक है।
आपसे अनुरोध करते हैं कि आप उन सारे तथ्यों को सार्वजनिक करें जिनके आधार पर इन पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया है। अगर कोई अपराध नहीं है केवल विरोध के नाम पर गिरफ्तार किया गया है तो इन पत्रकारों को तत्काल रिहा कराएं तथा भारतीय संविधान में प्रदत्त अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा कर अपने संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करें।
लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी इस गुपचुप गिरफ्तारी की निंदा करती है। लोकतंत्र में पत्रकारिता सबसे बड़ा हथियार है जो जनतांत्रिक अधिकारों को बचाता है और सच्चाई को सामने लाता है।
रघु ठाकुर, संरक्षक, लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी- फोन नंबर 94251-71797
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