मनीष दुबे-
जहाँ एक ओर देशभर में ‘विश्वगुरु’ बनने का दम भरा जा रहा है, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असलियत कुछ और ही बयां कर रही है। भारतीय पासपोर्ट की वैल्यू अमेरिका में औंधे मुँह गिरी है। वहीं प्रतिष्ठित TIME मैगजीन ने 2025 की दुनिया के 100 प्रभावशाली लोगों की लिस्ट जारी की, लेकिन उसमें न तो भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, न ही कोई भारतीय!
अब ऐसे में सवाल उठना लाजमी है—क्या केवल ‘चाय पर चर्चा’ और ‘मन की बात’ से दुनिया में धाक जमाई जा सकती है?
रेड कार्पेट नहीं, रेड सिग्नल!
भारतीय पासपोर्ट को लेकर ताज़ा रैंकिंग ने मोदी सरकार की विदेश नीति के तमाम दावों की पोल खोल दी है। अमेरिका में भारतीय पासपोर्ट होल्डर्स को वीजा, एंट्री और कई स्तरों पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। “जो कभी ‘टॉप 10 पासपोर्ट’ क्लब में घुसने के सपने देखता था, आज ‘प्रॉब्लमेटिक डॉक्युमेंट’ की कैटेगरी में खड़ा है।”
TIME की घड़ी में भारत लेट?
TIME मैगजीन की 2025 की प्रभावशाली हस्तियों की लिस्ट में ज़ेलेंस्की हैं, ग्रेटा थनबर्ग हैं, टेलर स्विफ्ट भी हैं, लेकिन भारत से कोई नहीं। क्या ये इत्तेफाक है या फिर दुनिया का भारत से ‘Time out’?
सोशल मीडिया पर बवाल
खबर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर मीमों और कटाक्षों की बाढ़ आ गई। एक यूज़र ने लिखा—“विदेशों में योग, पकौड़े और पीआर से दुनिया नहीं बदलती। काम दिखाना होता है।”
विपक्ष को मिला मुद्दा
विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है—“जुमलों से रेटिंग नहीं सुधरती, काम से पहचान बनती है। विश्वगुरु बनने की होड़ में हम अपनी ज़मीन ही खोते जा रहे हैं।”
अब देखना ये होगा कि सरकार इन गिरती हुई रेटिंग्स और सम्मान के खाली होते खाते को कैसे भरती है। फिलहाल तो पासपोर्ट की ‘लंका’ लगी है और ‘डंके’ का स्वर धीमा पड़ता दिख रहा है।
सुप्रिया श्रीनेत-
अमेरिका ने 327 international छात्रों का visa रद्द किया, जिसमें से आधे से ज़्यादा भारतीय हैं। 0 American Universities ने क़रीब 10,000 भारतीय छात्रों को ऑफर लेटर देने के बाद एडमिशन कैंसिल किया।
ऑस्ट्रेलिया ने हमारे यहाँ के 5 राज्यों से छात्रों पर प्रतिबंध लगाया।
TIME ने दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में एक भी भारतीय शामिल नहीं किया – मोदी जी को भी नहीं। दोस्त बुला बुला कर अमेरिका हम पर टैरिफ ठोके जा रहा है।
- कौन सा डंका बज रहा है भाई?
- सरकार से कोई अपेक्षा मत कीजिए – मिमिया ही लेते – लेकिन यहाँ एक चूँ नहीं निकल रही मोदी जी के मुँह से
- Howdy Modi, Namaste Trump, अबकी बार ट्रम्प सरकार सब तो किया था – लेकिन कुछ काम नहीं आया
- भक्तों को अब कमान अपने हाथ में लेनी पड़ेगी – जैसा ट्रम्प की जीत के लिए यज्ञ किया था – अब एक अमेरिका में हमारे छात्रों के लिए भी कीजिए
चंदन मंडल-
TIME मैगज़ीन ने अपनी ‘100 Most Influential People’ की लिस्ट जारी कर दी है। और इस बार — 21 सालों में पहली बार — एक भी भारतीय नाम नहीं है।
- ना “विकास पुरुष”
- ना “विश्वगुरु”
- ना “Yogi-Modi factor”
- ना “Digital India”
- ना “Vishwaguru ke sapne” —
वो जो कहते थे कि “आज दुनिया भारत की सुनती है” — शायद TIME ने सुना ही नहीं। या फिर.
क्या ये भी एक international toolkit का हिस्सा है? मोदी जी को लिस्ट से बाहर रखना एक conspiracy है।
क्योंकि जिनके फोटो कभी TIME के कवर पर छपते थे, अब उनका नाम तक नहीं है। भक्त बोले — “ऐसा कैसे हो सकता है?” ED को भेजो, IT रेड डालो, TIME को देशद्रोही घोषित करो।
क्योंकि जब सवाल उठते हैं, तो जवाब नहीं — एजेंसी भेजी जाती है।
अब भक्तजन कहेंगे —
- “ये तो राष्ट्र का अपमान है!”
- “TIME की औकात क्या है?”
- “Desh badal raha hai, duniya jjal rahi hai”
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