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उत्तर प्रदेश

अमृत विचार से निकाले गए सीनियर मैनेजर ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बताई पीड़ा!

सेवा में,

मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार

विषय- बिना किसी सूचना और कारण बताए नौकरी से निकालने के संबंध में..

माननीय मुख्यमंत्री जी,

मैं प्रार्थी विकास कुमार तिवारी पुत्र श्री दिनेश कुमार तिवारी मकान नंबर 38 कृष्णा नगर लखनऊ का निवासी हूं। माननीय मुख्यमंत्री जी मैं आपको अवगत कराना चाहता हूं कि मेरी नियुक्ति 6 दिसंबर 2023 को दैनिक अमृत विचार समाचार पत्र में सीनियर मैनेजर (मार्केटिंग) लखनऊ के पद पर हुई थी। मैंने पूरी निष्ठा के साथ संस्थान द्वारा दिए गए हर कार्य का निर्वाह किया है।

MD डॉ. केशव अग्रवाल और डॉ. वरुण अग्रवाल से भी कई बार आग्रह किया और अपनी तमाम परेशानियों से अवगत भी कराया लेकिन कोई भी नतीजा नहीं निकला। इसके अलावा कंपनी के नए सीईओ पार्थो कुणार वह कंपनी के आईटी के प्रबंधक हरिओम गुप्ता जो की प्रकाशक व मुद्रक भी हैं, से वार्तालाप होने पर भी कुछ समाधान नहीं हुआ। मैं हिंदुस्तान समाचार पत्र में 12 वर्ष के अपने कार्यकाल को त्याग करके अमृत विचार समाचार पत्र को नहीं ऊंचाइयों पर ले जाने का अधिकतम से अधिकतम प्रयास किया अमृत विचार समाचार पत्र के लखनऊ के जनरल मैनेजर श्रीनाथ शुक्ला लखनऊ लेकिन मेरे साथ वहां पर काफी अन्याय हुआ। 2025 में मुझे कंपनी से निकाल दिया। वह भी किसी पूर्व सूचना के।

जनरल मैनेजर त्रिनाथ शुक्ला और HR अरुण कुमार तिवारी ने पहले तो मुझे बहाने से बुलाया और इसके बाद कंपनी पूरे स्टाफ के आगे मुझे अगले दिन आने से मना कर दिया। मुझे कंपनी से क्यों निकाला इसकी कोई सूचना भी नहीं दी गई। इसके साथ ही मुझे ग्रुप से भी रिमूव कर दिया गया और अटेंडेंस रजिस्टर से नाम भी काट दिया गया। हरी ओम गुप्ता और पार्थो के द्वारा किए गए इस प्रकरण से मैं शारीरिक और मानसिक रूप से काफी आहत हूं। मैं अपने घर का इकलौता कमाने वाला हूं। मेरी कमाई से ही मेरे घर खर्च भी निकलता था।

कंपनी द्वारा बिना कारण बताए मुझे ऐसे निकालने से मुझे काफी आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस अचानक से गई नौकरी ने न सिर्फ मेरी बेटियों की पढ़ाई पर असर डाला है बल्कि मुझे शारीरिक और मानसिक रूप से भी आहत किया है।

इसके लिए सिर्फ हरिओम गुप्त और पार्थो श्रीनाथ शुक्ला और अरुण तिवारी पूर्ण रूप से जिम्मेदार हैं] माननीय इस मामले में मैं आपसे मदद चाहता हूं की कृपया करके इस पूरे मामले में उचित जांच करवाएं और मेरी नौकरी को फिर से बहाल करवाने की कृपा करें। जिससे जिस तरह कंपनी में मेरी मानहानि की गई है उसे मैं मिटा सकूं। साथ ही लेबर लॉ के अनुसार निकालने के लिए मुझे कंपनी से 3 महीने की तनख्वाह दिलाने की भी कृपा करें। जिससे मैं मेरी बेटियों की पढ़ाई और लखनऊ में नौकरी जाने से आई बाधाओं का निर्वाहन कर सकूं।

माननीय जरूरत पड़ने पर मैं संपूर्ण साक्ष्य आपके समक्ष पेश कर सकता हूं। आपकी महान कृपा होगी।

प्रार्थी
विकास कुमार तिवारी- Mo.N. 9721305670

अकाउंटेंट का पत्र भी पढ़ें…

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