अमिताभ श्रीवास्तव-
एक्ज़िट पोल करने वाली एक प्रमुख एजेंसी एक्सिस माई इंडिया के कर्ताधर्ता प्रदीप गुप्ता ने पश्चिम बंगाल के बारे में एक्ज़िट पोल के आँकड़े जारी न करने का फैसला करके पाँच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बारे में जारी किये गये तमाम एक्ज़िट पोल आँकड़ों पर पहले से ही किये जा रहे शक को और गहरा कर दिया है। सच कहें तो सब पर सवालिया निशान लग गया है।
बुधवार को पश्चिम बंगाल में दूसरे और अंतिम दौर का मतदान खत्म होने के बाद एक्सिस माई इंडिया समेत तमाम सर्वे एजेंसियों ने पाँचों राज्यों – असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के बारे में अपने अपने अनुमान जारी किये। एक्सिस माई इंडिया ने पश्चिम बंगाल का आँकड़ा नहीं जारी किया था। टुडेज़ चाणक्य ने अपना एक्ज़िट पोल बुधवार के बजाय गुरुवार को जारी किया।
प्रदीप गुप्ता ने गुरुवार को एक नाटकीय घटनाक्रम में एक प्रेस रिलीज़ के जरिये सूचना दी कि एक्सिस माई इंडिया ने पश्चिम बंगाल का आँकड़ा जारी नहीं करने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि उनके 80 प्रशिक्षित सर्वेयर्स ने 16 फ़ील्ड यूनिट्स में बँटकर 8324 किलोमीटर का सफर करते हुए 13, 250 लोगों से उनकी राय जानने के लिए संपर्क किया। लेकिन उनमें से लगभग 70 फ़ीसदी लोगों ने सर्वे में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया।
ऐसे में उन आँकड़ों की प्रामाणिकता और विश्वसनीयता संदिग्ध होने के कारण पश्चिम बंगाल का आँकड़ा जारी नहीं किया गया। यह एक्ज़िट पोल से जुड़ा अपनी तरह का पहला मामला है, जहां सर्वे एजेंसी ने खुद अपने आंकड़ों की विश्वसनीयता को संदिग्ध बताकर कदम पीछे खींच लिये हैं।
प्रदीप गुप्ता की एक्सिस माई इंडिया का एक्ज़िट पोल 2024 के लोकसभा चुनावों में ग़लत साबित हुआ था और वह चैनल पर रो दिये थे। बहुत संभव है कि प्रदीप गुप्ता अपना एक्ज़िट पोल ग़लत साबित होने पर उस छीछालेदर की पुनरावृत्ति से बचना चाह रहे हों इसलिए आँकड़ा जारी करने से पीछे हट गये।
सवाल लाज़िमी है कि एक्जिट पोल में हिस्सेदारी से मतदाताओं के इनकार की समस्या ( डर के कारण कतराना या चुप रहना) क्या सिर्फ प्रदीप गुप्ता की सर्वे एजेंसी को झेलनी पड़ी होगी? इस वजह से बाक़ी तमाम सर्वे एजेंसियों के आँकड़ों को संदिग्ध क्यों न माना जाए? बाक़ी एंजेंसियों से किसी ने बात की या नहीं? ऐसा क्यों न माना जाए कि जो बात प्रदीप गुप्ता ने ईमानदारी से स्वीकार कर ली, बाक़ियों ने उसको अहमियत न दी हो।
ग़ौरतलब है कि ज्यादातर सर्वे पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनाते दिखे हैं। एक्सिस माई इंडिया समेत सारे एक्ज़िट पोल असम में हेमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में तीसरी बार बीजेपी की सरकार बना रहे हैं, केरल में कांग्रेस की अगुआई वाले यूडीएफ़ की सरकार का अनुमान लगाया गया है, तमिलनाडु में डीएमके की वापसी की संभावनाओ के साथ-साथ कुछ ने नये खिलाड़ी अभिनेता विजय की पार्टी को आश्चर्यजनक उछाल दिया है ।
पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी तमाम एक्ज़िट पोल ग़लत साबित हुए थे। एक दिलचस्प जानकारी इस बार यह भी मिली है कि कुछ बडे न्यूज नेटवर्क के बांग्ला चैनल पर ममता बनर्जी की शानदार वापसी का अनुमान लगाया गया है लेकिन यह उसी नेटवर्क के राष्ट्रीय हिंदी चैनल पर नहीं दिखाया गया। पश्चिम बंगाल के स्थानीय मीडिया में ममता बनर्जी की वापसी के ही ज्यादातर अनुमान हैं।
ममता बनर्जी ने सारे एक्ज़िट पोल से हट कर 226 सीटें जीतने का दावा किया है। देखें, किसे क्या मिलता है!





