वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स 2026 के जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार भारत 180 देशों की सूची में 6 पायदान और फिसल गया है। पहले जहां हम 151वें नंबर पर थे वहीं अब हम 157वें नंबर पर पहुंचने का गर्व महसूस रहे हैं। उधर पाकिस्तान 153वें नंबर पर मौजूद है, जो हमसे अच्छी पोजीशन पर ही है। कहां तो हमारी सरकार और गोद में बैठी मीडिया दिन रात छाती में मुक्का मारकर विश्वगुरू बनने का दावा करती है, लेकिन असल में उस दावे की पूरी हवा निकल चुकी है। नीचे पढ़ें…
उर्मिलेश-
भारत ने इस बार गजब की “छलांग” लगाई है! 2026 का World Press Freedom Index कल यानी 30 April को जारी हो गया! इस बार हमारे देश को 180 देशों के इंडेक्स में 157वां स्थान मिला है! 2025 में भारत 180 देशों के इंडेक्स में 151वें स्थान पर था!
यानी अपना देश छह अंकों को पार कर प्रेस की आजादी के मामले में और नीचे गिर गया है। पहले आस-पड़ोस में भूटान, श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल में प्रेस फ़्रीडम की स्थिति भारत से बेहतर आंकी जाती थी। तब हमारे यहां कुछ लोग ‘बड़े गर्व’ से कहते थे कि चलिये, हमारी स्थिति कम से कम पाकिस्तान से तो कुछ बेहतर है!
लेकिन इस साल पाकिस्तान भी ‘हमारा साथ’ छोड़कर प्रेस फ़्रीडम में कुछ ऊपर हो गया! इस बार वह 180 मुल्कों में 153 वें स्थान पर है..पडोसी मुल्कों में श्रीलंका की स्थिति प्रेस फ़्रीडम के वैश्विक इंडेक्स में भारत और पाकिस्तान के मुकाबले ठीक-ठाक है. वह 134वें स्थान पर है!
दुनिया में सर्वाधिक प्रेस फ्रीडम वाले देश पहले की तरह नार्वे, नीदरलैंड, एस्टोनिया, डेनमार्क और स्वीडेन आदि हैं.
संतोष यादव-
प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में भारत की रैंकिंग 157 है। लेकिन गोदी मीडिया की जिद की और भी नीचे जाना है।
- नेपाल – 87
- श्रीलंका – 134
- भूटान – 150
- बांग्लादेश – 152
- पाकिस्तान – 153
- भारत – 157
डॉ मोनिका सिंह-
प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में भारत की रैंक गिरी!
भारत 180 देशों की सूची में 157वें स्थान पर आ गया है. साल 2025 में भारत 151वें स्थान पर था, एक साल में भारत की रैंकिंग में 6 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है.
रिपोर्ट के अनुसार, भारत अभी भी प्रेस स्वतंत्रता के मामले में ‘बेहद गंभीर’ (Very Serious) श्रेणी में बना हुआ है.
पाकिस्तान (153वां) और बांग्लादेश (152वां) स्थान रखते हैं!



