जी एंटरटेनमेंट ने उन रिपोर्ट्स को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि सोनी के साथ विलय विफल होने के बाद कंपनी में नई छंटनियाँ शुरू हो गई हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ऐसी खबरें भ्रामक और वास्तविकता से दूर हैं।
कंपनी ने कहा है कि वर्तमान में वह अपनी ‘ओम्नी-चैनल’ रणनीति के तहत अपने व्यवसाय डिविज़नों का पुनर्गठन कर रही है, ताकि काम तेज़, व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से हो सके। यह बदलाव पिछले कुछ समय से जारी है और समय-समय पर बाज़ार व व्यवसाय की ज़रूरतों के अनुसार होता रहता है। कंपनी ने कहा कि इस प्रक्रिया का रोज़मर्रा के कामकाज या प्रदर्शन (performance) पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है।
ज़ी ने यह भी याद दिलाया कि 5 अप्रैल 2024 को ही उसने स्टॉक एक्सचेंज को बताया था कि वह एक “लीन ऑर्गनाइजेशन” बना रही है, जिसके तहत लगभग 15 प्रतिशत कर्मचारियों की कटौती की जाएगी।
कंपनी का कहना है कि जो छंटनी होगी, वह उस पहले से घोषित योजना का हिस्सा थी—न कि विलय विफलता के बाद अचानक की गई कोई नई छंटनी।
इसके साथ ही ज़ी ने यह भी संकेत दिया कि वह आगे भी नियामक संस्थाओं जैसे SEBI के सभी नियमों का पूरी तरह पालन करती रहेगी और भविष्य में भी जरूरी जानकारी समय से उपलब्ध कराएगी।
क्यों देनी पड़ी समूह को सफाई?
हाल ही में कुछ संस्थानों ने सूत्रों के अनुसार खबरें चलाईं कि– जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) में पिछले साल शुरू हुआ छंटनी का दौर अब तक रुका नहीं है। मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कंपनी की मैसिव री-स्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया अभी भी जारी है और अब तक लगभग 200 कर्मचारियों पर असर पड़ा है। इनमें अधिकतर कंसल्टेंट्स शामिल हैं, स्थायी कर्मचारियों पर प्रभाव अपेक्षाकृत कम बताया जा रहा है।
छंटनी की यह नई लहर दरअसल उस संगठनात्मक बदलाव का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत अप्रैल 2024 में तब हुई थी, जब सोनी के साथ जी का बहुचर्चित मर्जर टूट गया। मर्जर फेल होने के बाद कंपनी ने खर्च में कटौती, वर्कफ्लो सुधार और टीमों को तेज व चुस्त बनाने के लिए बड़े स्तर पर पुनर्गठन का फैसला लिया था।
सूत्र बताते हैं कि ZEEL अपने कई बिजनेस यूनिट्स को एक साथ समाहित कर छोटी, अधिक एकीकृत और परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड टीमें बनाना चाहती है। लक्ष्य है— कामकाज में तेजी, टीमों में बेहतर कोऑर्डिनेशन और कम लागत में ज्यादा उत्पादन।
मर्जर टूटने के बाद कंपनी पहले ही करीब 15% कर्मचारियों की कटौती का ऐलान कर चुकी थी, यानी लगभग 700 पदों में कमी। मौजूदा छंटनी उसी प्रक्रिया का आगे बढ़ा चरण मानी जा रही है।
कंपनी की आर्थिक सेहत भी दबाव में है। FY26 की दूसरी तिमाही में ZEEL का नेट प्रॉफिट 63% गिरकर ₹77 करोड़ पर आ गया। ऑपरेटिंग रेवेन्यू भी 2% घटकर ₹1,969 करोड़ रह गया। विज्ञापन से मिलने वाली आय में 11% की गिरावट दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण FMCG सेक्टर द्वारा विज्ञापन खर्च में कमी बताई जा रही है।


