एसके यादव-
मीडिया जगत के रियल हीरो : 50 घंटे तक बिना सोए, लगातार जन मानस के लिए जरूरी खबरों की खोज का अथक प्रयास करते हुए, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ मीडिया स्ट्डीज से पत्रकारिता की दीक्षा लेने वाले द लल्लनटॉप के एसोसिएट एडिटर अभिनव पांडे।

Journalism is printing what someone else does not want printed; everything else is public relations -George Orwell
न्यूयॉर्क न्यूज़ के पत्रकार जॉर्ज ऑरवेल ने लिखा है “जिस बात को लोग छिपाना चाहते हैं वह न्यूज़ है, बाकी सब पब्लिक रिलेशन (विज्ञापन). पत्रकारिता का सिद्धांत भी यही कहता है.
कुंभ 2025 में जब पूरे देश भर का मीडिया संगम तट पर मौजूद हो, ऐसे में अगर आपको सही खबरें ना मिल रही हो, तो आप इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सेंटर आफ मीडिया स्टडीज के 2013-15 बैच के पुराने छात्र The lallantop चैनल के एसोसिएट एडिटर अभिनव पांडे और 2016-19 बैच के दैनिक भास्कर के तेज तर्रार ग्राउंड रिपोर्टर राजेश साहू को फॉलो कर सकते हैं.
कठिन परिस्थितियों और सत्ता के दबाव के बीच इन दोनों नौजवान पत्रकारों ने सच्ची पत्रकारिता की उम्मीद जगा रखी है.
जैकी यादव-
महाकुंभ में देश के बड़े से बड़े और नामी से नामी पत्रकार उतरे हुए हैं मगर इस महाकुंभ में मुझे दैनिक भास्कर के राजेश साहू की रिपोर्टिंग ने बहुत प्रभावित किया है,
राजेश साहू महाकुंभ की रिपोर्टिंग बड़ी ही सटीकता से कर रहे हैं, इन्होंने महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन हुई दुखद घटना पर भी देश के सामने सच का पक्ष रखा, राजेश साहू जैसे पत्रकार ही देश का भविष्य हैं।

सुशील दुबे-
4pm के क्षितिज ने भी शानदार रिपोर्टिंग की है। लाशों की सही संख्या का प्रामाणिक विश्लेषण उन्होंने ही मौके से किया।
Related News…
कुंभ में मौत की संख्या 30 या 58?
न्यूज एजेंसी IANS के रिपोर्टर का माइक छीने ले रहा पुलिसवाला! देखें वीडियो




पीयूष राठी
January 31, 2025 at 2:32 pm
सच में अभिनव भाई की रिपोर्ट इस दौर में चल रही पत्रकारिता को आइना दिखाने जैसी है…जहां सबसे बड़ी भगदड़ हुई एक भी बड़ा चैनल वहां नहीं पहुंचा…इसी का नतीजा रहा कि 24 घंटे तक सरकार इस खबर को छिपाने में कामयाब रही..मगर मेला प्रबंधन को सटीक आइना दिखाया है अभिनव पांडे ने…बधाई व धन्यवाद अभिनव भाई…