अभिषेक उपाध्याय-
धारावी की झुग्गियों में रह रहे 50 हज़ार से 1 लाख निवासियों को देवनार के एक Active landfill यानि “सक्रिय कचरे के ढेर” वाली जगह पर शिफ़्ट करने की योजना है।
इंडियन एक्सप्रेस को RTI के ज़रिए ये जानकारी मिली है और अधिकारियों ने इसकी तस्दीक भी कर दी है। अधिकारियों ने Indian Express को बताया कि मुंबई में ज़मीन के संकट के चलते ये फ़ैसला लेना पड़ा है!
ख़ास बात यह है कि देवनार की जिस जगह पर धारावी के निवासियों को ले जाने की योजना है वो एक एक्टिव लैंड फ़िल यानि सक्रिय कचरे का ढेर है जिससे विषैली गैसें निकल रही हैं।
इनसे leachate डिस्चार्ज भी हो रहा है जो ग्राउंड वाटर, सरफेस वाटर और मिट्टी तीनों को बुरी तरह प्रभावित करता है।
सवाल ये है कि ऐसी ख़तरनाक जगह पर धारावी की इस बड़ी आबादी को ले जाने का फ़ैसला किसका है? क्या यही डेवलपमेंट है?
धारावी के इस प्रोजेक्ट में अदाणी ग्रुप का हिस्सा 80 फ़ीसदी है जबकि 20 फ़ीसदी हिस्सा प्रदेश सरकार के पास है। अदाणी ग्रुप के प्रणव अदाणी इसमें डायरेक्टर हैं।
Indian Express की ये रिपोर्ट देश में इंसानियत बनाम कारोबार की एक बहुत बड़ी बहस को जन्म दे सकती है। आख़िर धारावी के इन 50 हज़ार से 1 लाख गरीबों को कचरे और विषैली गैस के जानलेवा हालातों में शिफ़्ट करने का फ़ैसला कैसे किया जा सकता है?
इंडियन एक्सप्रेस ने इसे लेकर अदाणी समूह से सवाल पूछे मगर समूह ने जवाब देने से मना कर दिया!

सौमित्र रॉय-
मुंबई में धारावी की झुग्गियों में रह रहे 50 हज़ार से 1 लाख लोगों को देवनार में कूड़े के ढेर पर शिफ़्ट किया जाएगा।
आरएसएस–बीजेपी की फडणवीस सत्ता को मालूम है कि उस गंदगी में रहकर आधे लोग मर जाएंगे।
राष्ट्र संत अदानी के लिए मरना तो पड़ेगा ही।
ट्रंप गाजा के लोगों को दूसरे देशों में शिफ्ट करना चाहता है। इजरायल के लिए।
नरेंद्र मोदी हिंदू राष्ट्र में यही काम अदानी के लिए करवा रहे हैं।
बहुत पहले कभी लिखा था–दुनिया के हर कोने में कहीं गाजा है।
साथ ही मोदी–ट्रंप और नेतनयाहू भी।
धारावी में यूपी–बिहार बसता था।
अब वहां अदानी के घर बनेंगे।




