धनंजय यादव-
AI Impact Summit –पहले ही दिन का बेहद कड़वा अनुभव… मैं पूरे उत्साह के साथ AI Impact Summit में आया था।
यह पहली बार था जब यह समिट भारत में हो रही थी, और मैं खुद आकर भारत के AI इकोसिस्टम और सरकार की पहल को समर्थन देना चाहता था। लेकिन जो हुआ, वह चौंकाने वाला और दुखद था।
दोपहर 12 बजे सुरक्षा कर्मी आए और बताया कि 2 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के कारण इलाके को सैनिटाइज़ और सील किया जाएगा। मैंने उन्हें बताया कि हम NeoSapien में भारत का पहला पेटेंटेड AI wearable बना रहे हैं और अगर मौका मिले तो उसे दिखाना चाहेंगे।
एक अधिकारी ने बाकी लोगों से कहा कि हमें रहने दिया जाए, और वे चले गए। लेकिन थोड़ी देर बाद सुरक्षा का दूसरा दल आया और हमें तुरंत जगह खाली करने का आदेश दिया। साफ़ दिख रहा था कि सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल की कमी है।
मैंने पूछा, “क्या हम अपने wearables साथ ले जाएँ?” जवाब मिला, “बाकी लोग तो लैपटॉप भी छोड़कर जा रहे हैं, सुरक्षा सब संभाल लेगी।”
हमने उनकी बात पर भरोसा किया और चले गए। उम्मीद थी कि सामान सुरक्षित रहेगा, और अगर किस्मत अच्छी हुई तो शायद प्रधानमंत्री की नज़र भी पड़ जाए।
गेट 12 बजे से शाम 6 बजे तक बंद रहे — उम्मीद से कहीं ज़्यादा देर तक। जब वापस आए, तो पता चला कि हमारे wearables चोरी हो चुके हैं।
ज़रा सोचिए—हमने फ्लाइट का खर्च उठाया, होटल लिया, लॉजिस्टिक्स संभाली, और यहाँ तक कि बूथ के पैसे भी दिए। और नतीजा?
हाई-सिक्योरिटी ज़ोन के अंदर से हमारा सामान गायब हो गया। जब उस इलाके में सिर्फ़ सुरक्षा और आधिकारिक लोग ही जा सकते थे, तो फिर चोरी कैसे हुई?
यह अनुभव बेहद निराशाजनक है। एक स्टार्टअप के तौर पर, यह सिर्फ़ आर्थिक नुकसान नहीं है—यह भरोसे पर भी चोट है।


वैसे तो यह मोदी जी के प्रिय एक ओबीसी भाई के साथ हुआ। पर आज के समय में इसे सपा का अजेंट बता कर पूरी घटना को झुठलाया जा सकता है। ‘यादव’ नाम है तो यह कह सकते हैं कि अखिलेश ने इसे यहाँ भेजा था। सबका मुँह बंद हो जाएगा।
-अजीत भारती
सुप्रिया श्रीनेत-
दिल्ली में हो रहे AI सम्मेलन में ज़बरदस्त कन्फ़्यूज़न मचा हुआ है – टेक्नोलॉजी को परे रखकर समिट में PM मोदी की बस रील बनाई गईं हैं
- मुख्य हॉल को PM के आने के लिए खाली कर दिया गया
- Tech entrepreneurs को उनके खुद के पैसों से ख़रीदे स्टॉलों से निकाल दिया गया
- कुछ कंपनियों के tech products चोरी हो गए
- इंटरनेट ना होने के कारण डेमो फेल हो गए
- प्रवेश के लिए घंटे भर की कतारें लगी रहीं
- टेक इवेंट में लैपटॉप/कैमरे प्रतिबंधित
- सम्मेलन में केवल cash से सामान खरीदा जा सकता है
मुख्य आयोजक: MEITY मंत्रालय है जिसके प्रमुख @AshwiniVaishnaw हैं
यह कुप्रबंधन भारत के लिए शर्मनाक है
रील मंत्री वैष्णव जी, इसके लिए आप किसे दोष देंगे – राहुल गांधी जी या पंडित नेहरू?


